कहीं भी फ्लैट खरीदने से पहले बिल्ट-अप और सुपर बिल्ट-अप एरिया के बीच का अंतर जान लें।

हमारा व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें: Click Here

Jambhsar Media Digital Desk : जब भी आप कोई फ्लैट खरीदते हैं तो बिल्‍डर या प्रॉपर्टी डीलर आपसे कारपेट एरिया, बिल्ट-अप और सुपर बिल्ट-अप एरिया वगैरह का जिक्र करता है. अगर आप भी फ्लैट खरीदना का प्लान बना रहे हैं तो आपको इसकी जानकारी होना जरूरी है.आइए जानते है इसके बारे में विस्तार से.

प्रॉपर्टी में निवेश तेजी से बढ़ता जा रहा है. इंवेस्टमेंट के लिए लोग फ्लैट में पैसा लगा रहे हैं. फ्लैट की कीमत स्क्वायर फीट पर तय होती है, तो ऐसे में ग्राहक को घर खरीदने जाने से पहले ये पता होना चाहिए कि वो किसके लिए भुगतान कर रहे हैं. उस जगह की नपाई किस आधार पर की जा रही है. आज हम आपको फ्लैट के एरिया यानी उसके साइज को लेकर पूरी डिटेल देने जा रहे हैं, जो आपको भविष्य में अपना फ्लैट लेने में काफी मदद करेगी.

WhatsApp Group Join Now

जब आप कोई फ्लैट खरीदने जा रहे होते हैं तो बिल्डर आपके सामने बिल्ट-अप एरिया, सुपर एरिया और कॉर्पेट एरिया जैसे शब्दों का जिक्र करता है. अधिकांश लोग इन शब्दों के बीच के अंतर को नहीं समझते हैं. खरीदार कई बार फ्लैट में लिखे सुपर एरिया को अपने फ्लैट का साइज मानकर फ्लैट की बुकिंग कर देते हैं. जबकि असल फ्लैट इससे काफी कम होता है. इसलिए जरूरी है आपको इसकी पूरी जानकारी हो.

बता दें कि कोई भी बना बनाया घर 3 तरह से नापा जाता है- कारपेट एरिया, बिल्ड अप एरिया और सुपर बिल्ट अप एरिया. सबसे ज्‍यादा जरूरी है कारपेट एरिया को समझना, क्‍योंकि रहने के लिए फ्लैट के इसी हिस्‍से का इस्‍तेमाल किया जाता है. ये फ्लैट निर्माण का वास्‍तविक एरिया होता है. कारपेट एरिया फ्लैट के अंदर का खाली स्थान होता है. ये बिल्‍ट अप एरिया का 70 फीसदी होता है. लिविंग डायनिंग रूम, बेडरूम, बाथरूम, स्‍टडी रूम और किचन आदि का निर्माण कारपेट एरिया में ही किया जाता है. दीवार की मोटाई, बालकनी, छत वगैरह को इस हिस्‍से में शामिल नहीं किया जाता. लेकिन अगर छत की सीढियां घर के अंदर ही बनी हुई हैं, तो वो कारपेट एरिया में शामिल होती हैं.

कारपेट एरिया से जिन चीजों को बाहर कर दिया जाता है, वे सभी बिल्‍ट अप एरिया में आती हैं. यानी बालकनी, छत, दीवारों की मोटाई, कॉरिडोर वगैरह बिल्‍ट अप एरिया में शामिल होती है. सामान्य तौर पर ये कारपेट एरिया से 10 से 15 फीसद ज्यादा होता है. बिल्ट अप एरिया कैलकुलेट करने के लिए इसमें कारपेट एरिया और दीवारों की ओर से कवर किया गया क्षेत्र जोड़ लें.

सुपर एरिया में छत, बालकनी, दीवार से घिरी जगह के अलावा खरीदार की ओर से शेयर की जाने वाली जगह जैसे लिफ्ट और सीढ़ी को भी सुपर एरिया में शामिल किया जाता है. कुछ सोसाइटी में खरीदार को सुपर एरिया के तहत क्‍लब हाउस, पूल और बगीचे की सुविधा भी दी जाती है.

हमारा व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें: Click Here

Share This Post

Rameshwari Bishnoi

Rameshwari Bishnoi

Leave a Comment

Trending Posts