जोधपुर गोचर भूमि विवाद पूनिया की प्याऊ 20 मील हटेगे सारे अतिक्रमण जोधपुर JDA
पिछले एक महीना और 5 दिन से जोधपुर जिले के अंदर गोचर भूमि को लेकर एक
विवाद खड़ा हो गया था पूनिया की प्याऊ 20 मील जोधपुर जो एक गोचर भूमि है
जिस पर एक मंदिर एक गौशाला बनी हुई थी और खेजड़ली शहीदों की याद के अंदर एक उद्यान
जिसके अंदर कुछ हरे पौधे लगे हुए थे इसको लेकर कुछ लोगों के आपसी मनमुटाव को चलते हुए खेजड़ली शहीदों
की याद में लगाए गए पौधों को लगाने वाले लोगों को भूमाफिया का नाम दिया गया और
आपसी विवाद बढ़ता गया जहां अमृता देवी की याद में एक बोर्ड लगाकर पौधे जहां लगे
हुए थे उसको उद्यान का रूप दिया गया उस उद्यान का विरोध कर रहे लोगों ने उनको भूमाफिया बताने पर 2 जातियों
में आपसी तनाव बढ़ गया जिसके चलते यह भूमि जेडीए ने खाली कराने के लिए प्रयास किए
लेकिन प्रथम प्रयास विफल रहे
भूमाफिया शब्द से उत्तेजित हुए पर्यावरण प्रेमी
खेजड़ली बलिदानयों की अगुवाई करने वाली शहीद मां
अमृता देवी बिश्नोई की याद में बनाया जा रहा पर्यावरण पार्क जिसको लेकर लोगों ने इन्हे
भूमाफिया टीका टिप्पणी कर दी तो यह विवाद काफी गंभीर होता गया और जेडीए
संपूर्ण जमीन के ऊपर से कब्जा हटाना चाहता था जिसके अंदर यह पार्क भी आता है
गौशाला भी आती हैं और एक बताया जा रहा कि मंदिर भी हैं यह सभी अतिक्रमण हटने थे
लेकिन इसको जातीय रंग दे कर दो जातियों के बीच में आपसी बहुत बड़ी दीवार खड़ा करने
का प्रयास राजनेताओं और कुछ लोगों ने किया था जिसके चलते यह पूरा विवाद जाट
बिश्नोई का रूप ले चुका था
दोनों संप्रदाय के लोग एकत्रित हो गए धरना प्रदर्शन करने लगे और अपनी अपनी
मांगे रखने लगे विवाद बढ़ता देख जेडीए प्रशासन पुलिस प्रशासन सभी का एक ही प्रयास
था कि कैसे ना कैसे यह बढ़ता विवाद सरकारी जमीन के ऊपर ना तो किसी का मालिकाना हक
है और ना ही किसी को इसका मालिकाना हक दिया जाने की कोई आसा लगाई जा सकती इसलिए
समजाइस का डोर शुरू किया गया लेकिन कुछ लोगों को अपनी राजनीति चलानी होती है इसलिए
इस मुद्दे को खत्म करने का प्रयास ही नाही कर रहे थे
बिश्नोई समाज ने खेजड़ी घटना जैसा रूप दिखाया 20 मील
पुनिया की प्याऊ पर
माँ अमृता उधयान की तारबंदी को हटाने की मांग पर
आड़े लोगों का विरोध करते हुवे बिश्नोई समाज की महिलाएं पुरुष पुनिया
की प्याऊ 20 मील पर वहां पर खेजड़ली के शहीदों की याद विशाल
संख्या मे उपसतिथ होकार एक शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया गया वहां
पर अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र जी बूड़िया भी पधारें और उन्होंने
कहा कि जोलियाली मां अमृता बिश्नोई की जन्मभूमि है और अगर यही पार्क हम नहीं बना
सकते तो भला हम देश के अंदर क्या पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे सकते हैं लोगों को
आपसी मनमुटाव और भूमि कब्जा करने जैसी नियत से देखना बहुत बुरी बात है बिश्नोई
समाज हमेशा पर्यावरण प्रेमी समाज रहा
है जिकसे ऊपर इस प्रकार के लांछन लगाना बहुत गलत है उन्होंने यह भी कहा हमें भारत ही
नहीं विदेशों में माँ अमृता जैसी पर्यावरण
प्रेमी की याद के अंदर दुबई
जेसे सिटी मे भूमि उपलब्ध हुई है लेकिनदेश मे लोग पर्यावरण प्रेमियों को भूमाफिया नाम
दे बाहुत बुरी बात है दुबई के
अंदर 363 खेजड़ी के पेड़ ऐक स्कूल प्रांगण के अंदर
लगाकर बिश्नोई समाज ने विश्व को पर्यावरण सरंक्षण का संदेश दिया है इसलिए
आप सभी से निवेदन है कि हम इस पर किसी प्रकार के कब्जे की नीयत से नहीं सिर्फ और
सिर्फ पर्यावरण सरंक्षण और लोगों को संदेश देने के लिए यह पार्क बना रहे हैं इसलिए
कोई भी लोग इसको माफियाओं की नजर से नहीं देखे और पार्क बनाने दे साथ
ही मंदिर भी गोशाला भी रहे सभी हम लोग मिलकर
धार्मिक सोहार्द का परिचय दे इसी बातों के साथ
उन्होंने लोगों को संदेश देते हुए कहा कि ना तो गौशाला हटे ना
पार्क हटे और ना ही कोई मंदिर या इस प्रकार का धार्मिक स्थल बना है वो
हटे लेकिन ऐसा हुवा नहीं |
जाट समाज के लोग पाहुनचे जोधपुर जेडीए धरना जारी
जाट समाज भी आंदोलित था लोगों ने आज जोधपुर के
अंदर jda के बाहर 2 दिनों से चल
रहे धरने के उपरांत पुलिस के ऊपर दबाव बनाने का प्रयास किया और वहां पर शांतिपूर्ण
इस मसले को हल करने के लिए आ रहे लोगों के ऊपर केई
लोगों ने तरह-तरह की टीका टिपणीय की इसी के बीच कल के
धरने के दौरान प्रधान प्रतिनिधि ने अपने भाषण के अंदर बिश्नोई समाज के ऊपर की गई
भद्र टिप्पणी को वापस लेते हुए माफी भी मांगी इसी के साथ कुछ महिलाएं और पुरुष
पानी की टंकी के ऊपर चढ़ गई और वह आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल के आने पर ही उतरने
का बोलने लगे लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग करके इन महिला पुरुषों को पानी की टंकी से
नीचे उतारा गया देर रात चलते चलते यहां पर जोधपुर के अंदर जेडीए के बाहर एक विशाल
लोगों का हुजूम बैठा हुआ था और जो लोग मंथन कर रहे थे वो एक निर्णय की तरफ आगे
बढ़े
मंथन जारी फेसला जनता को स्वीकारिए हो तो निर्णय लेने की हो तेयारी
पूर्व लूनी विधायक और खेजड़ली संस्थान के अध्यक्ष
मलखान सिंह जी बिश्नोई देर रात जाट समाज द्वारा दिए जा रहे धरने के बीच में आए और
उन्होंने जेडीए द्वारा लिए गए फैसले और सभी गांव के लोग जो इस धरने में शामिल थे
उस क्षेत्र के विशेष मुख्य को बुलाकर उनके साथ वार्ता करके और फैसला लिया गया कि
20 तारीख तक यह जितने भी अतिक्रमण है उनको क्षेत्र से हटाया जाए जिसके अंदर गौशाला,
खेजड़ली पार्क हैं ना तो वहां पर किसी प्रकार के कोई ऐसे बोर्ड वगैरह कुछ लगे
होंगे ना ही कोई अन्य तरह के अतिक्रमण रहेंगे ऐसा मंथन वार्ता के अंदर चल रहा है इस जमीन को पूरी को अतिक्रमण मुक्त
किया जाएगा जिसका डेडलाइन 20 तारीख तक दिया जाना बताया जा रहा है अब इसी के बाद देखना है कि जोधपुर जेडिए के बाहर बैठी भीड़
वहां से जाती हैं या नाही साभि लोगों का ऐक ही प्रयास है इस गाव का ऐक मुद्दा जाट बिशनोई समाज मे दीवार नाही खड़ी कर दे इसलिए याही पर्यास जारी है की इस मसले को केसे ना केसे सुलजाय जाए अब यह निर्णय अभी तक आना बाकी है यह समाचार लिखने तक की
अपडेट थी
आपकी क्या राय है इस घटना को लेकर कॉमेंट जरूर
करे |









