10 अप्रैल 2026 :- महाकुंभ से वायरल हुई युवती ‘मोनालिसा’ से जुड़ा मामला अब गंभीर कानूनी मोड़ ले चुका है। शादी के बाद से लगातार उसकी उम्र को लेकर विवाद चल रहा था, जिस पर अब आधिकारिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) की जांच रिपोर्ट के अनुसार, शादी के समय मोनालिसा की उम्र 18 साल नहीं बल्कि करीब 16 साल, 2 महीने और 12 दिन थी। इस निष्कर्ष के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है, क्योंकि नाबालिग होने की स्थिति में विवाह कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।
शादी पर उठे सवाल, अब कानूनी कार्रवाई
रिपोर्ट सामने आने के बाद मोनालिसा के पति फरमान खान के खिलाफ पोक्सो एक्ट (POCSO) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कानून नाबालिगों के साथ किसी भी प्रकार के यौन संबंध या विवाह को गंभीर अपराध मानता है।
शुरुआत से ही इस मामले में अलग-अलग दावे सामने आ रहे थे। जहां एक ओर फरमान खान ने मोनालिसा को बालिग बताते हुए सभी आरोपों को खारिज किया, वहीं परिवार और कुछ अन्य लोगों ने लगातार उसे नाबालिग बताया।
जन्म रिकॉर्ड से हुआ खुलासा
आयोग की जांच में यह भी सामने आया कि मोनालिसा का जन्म दिसंबर 2009 में मध्य प्रदेश के महेश्वर स्थित एक सरकारी अस्पताल में हुआ था। इसके आधार पर उसकी वास्तविक उम्र तय की गई।
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि उम्र को लेकर फर्जी दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड) तैयार किए गए, जिनमें उसे 18 वर्ष से अधिक दिखाया गया।
आयोग ने जताई चिंता
एनसीएसटी ने अपनी रिपोर्ट में इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कुछ संगठनों की भूमिका पर भी चिंता जताई है। आयोग का कहना है कि इस मामले में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और एक “झूठा नैरेटिव” तैयार किया गया।
साथ ही आयोग ने मध्य प्रदेश के डीजीपी को तलब कर पूरे मामले में विस्तृत जवाब और कार्रवाई की स्थिति मांगी है।
निर्देशक का बयान
इस मामले में शुरुआत से सक्रिय रहे डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने जांच रिपोर्ट आने के बाद कहा कि “सत्य की जीत हुई है।” उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर परिवार के पक्ष को सही बताया और जांच एजेंसियों के फैसले का स्वागत किया।
मोनालिसा केस अब केवल एक वायरल कहानी नहीं रहा, बल्कि यह नाबालिग विवाह, फर्जी दस्तावेज और कानूनी जिम्मेदारी जैसे गंभीर मुद्दों से जुड़ गया है। आगे की जांच और कोर्ट की कार्यवाही इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी।








