बाड़मेर 2 अप्रैल 2026 (राजस्थान):- बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा सीट से जुड़े विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी और भजन गायक छोटू सिंह रावणा के बीच सोशल मीडिया पर शुरू हुआ टकराव अब थाने तक पहुंच गया है। रावणा ने अपने समर्थकों के साथ शिव थाने पहुंचकर विधायक समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।
मानहानि और निजता हनन की धाराओं में केस दर्ज
पुलिस के अनुसार, रावणा की शिकायत के आधार पर विधायक भाटी सहित कुल छह लोगों के खिलाफ मानहानि और प्राइवेसी उल्लंघन से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के साथ इलेक्ट्रॉनिक सबूत जैसे पेन ड्राइव और दस्तावेज भी सौंपे गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे आगे की जांच के लिए CID-CB को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एक सड़क के वीडियो से भड़का पूरा विवाद
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत एक वीडियो से हुई, जिसमें शिव क्षेत्र की एक खराब सड़क की स्थिति दिखाई गई थी। छोटू सिंह रावणा का कहना है कि उन्होंने यह वीडियो आम नागरिक के तौर पर बनाया था, लेकिन इसके सामने आने के बाद विवाद बढ़ता चला गया। उनका दावा है कि यदि वे क्षेत्र की अन्य सड़कों की स्थिति भी उजागर करें, तो कई और सवाल खड़े हो सकते हैं।
‘एक कमेंट से दिल्ली तक हलचल’ – रावणा का दावा
रावणा ने कहा कि उनके एक सोशल मीडिया कमेंट ने बड़ा असर डाला और मामला राज्य से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक चर्चा में आ गया। उनका कहना है कि उन्होंने सीमित और सामान्य भाषा का इस्तेमाल किया, लेकिन इसके बाद घटनाएं तेजी से बदलीं।
धमकी देने के आरोप, विधायक ने किया खंडन
रावणा ने आरोप लगाया कि टिप्पणी के बाद उन्हें फोन कॉल के जरिए डराने और दबाव बनाने की कोशिश की गई, यहां तक कि अप्रत्यक्ष रूप से जान से मारने की धमकी भी दी गई।
वहीं विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ लोग माहौल बनाने के लिए दूसरों का इस्तेमाल कर रहे हैं और ऐसे मामलों में किसी का माध्यम नहीं बनना चाहिए।
राजपूत समाज भी आया सक्रिय भूमिका में
मामले को लेकर रावणा राजपूत समाज भी सक्रिय हो गया है। समाज के प्रतिनिधि अलग-अलग क्षेत्रों में प्रशासन को ज्ञापन सौंप रहे हैं और रावणा की सुरक्षा के साथ निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। हाल ही में समाज के लोग एसपी कार्यालय तक पहुंचे और कार्रवाई की मांग की।
‘पीछे नहीं हटूंगा’ – रावणा की दो टूक
छोटू सिंह रावणा ने साफ कहा कि वे किसी दबाव में आने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि वे राजनीति में आने के इच्छुक नहीं हैं, लेकिन अपने सम्मान और सच के लिए हर स्तर तक लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने विधायक को खुली चुनौती देते हुए आमने-सामने बातचीत की बात भी कही।
जांच जारी, आगे क्या?
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सभी सबूतों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। CID-CB की एंट्री के बाद यह मामला और भी गंभीर हो सकता है। आने वाले दिनों में इस विवाद के राजनीतिक और सामाजिक असर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।








