ऑनलाइन लेनदेन को लेकर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है कि ₹2000 से ज्यादा के हर UPI ट्रांजैक्शन पर अब नया चार्ज लगेगा। यह खबर सुनकर कई लोग चिंता में हैं। लेकिन असली बात यह है कि यह दावा हि है हकीगत कुछ और ही है।
सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज की सच्चाई
ऑनलाइन बैंक-से-बैंक UPI ट्रांसफर आम ग्राहक के लिए फ्री हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर फैली अफवाह की वजह मर्चेंट इंटरचेंज फीस को ग्राहक चार्ज समझ लिया जाना है।
जानते ₹2000 का नियम असल में क्या है?
मर्चेंट पेमेंट (PPI वॉलेट से): अगर आप Paytm, PhonePe या Amazon Pay जैसे वॉलेट से किसी व्यापारी को ₹2000 से अधिक का भुगतान करते हैं, तो 1.1% इंटरचेंज चार्ज लगता है।
क्या है सच किसे देना पड़ता है चार्ज?
UPI पेमेंट को लेकर चल रही सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज कि पड़ताल करने पर पता चलेगा कि उदाहरण: ₹2500 का भुगतान → व्यापारी देगी ₹27.5 की फीस।
बैंक-टू-बैंक UPI: सीधे बैंक खाते से किए गए ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं।
आम उपभोक्ता पर असर
परिवार, दोस्त या किराए के लिए बैंक-से-बैंक UPI ट्रांसफर हमेशा मुफ्त।
चाहे ट्रांजैक्शन ₹10,000 हो या ₹50,000, ग्राहक को कोई चार्ज नहीं देना पड़ता।
जाने कब लगता है यह शुल्क?
जब भी सिर्फ़ PPI वॉलेट से मर्चेंट भुगतान पर।
वॉलेट रिचार्ज (₹2000 से ऊपर) पर 0.15% सर्विस चार्ज वॉलेट कंपनी देती है, ग्राहक नहीं।
UPI ट्रांजैक्शन लिमिट 2026
आम उपयोगकर्ता: ₹1 लाख प्रति दिन
शिक्षा, मेडिकल, बीमा, सरकारी पेमेंट्स: ₹5 लाख प्रति ट्रांजैक्शन (15 सितंबर 2025 से लागू)
क्या कहते है विशेषज्ञ
UPI की सफलता मुफ्त और आसान डिजिटल पेमेंट में है। इसलिए नीति-निर्माता ग्राहक से चार्ज नहीं लगाते।
उपभोक्ताओं से निवेदन है वायरल संदेशों पर विश्वास न करें।
पेमेंट करते समय ऐप में देखें कि पैसे बैंक खाते से कट रहे हैं या वॉलेट से। बैंक-टू-बैंक UPI हमेशा मुफ्त है। झूठी और भड़काऊ खबरों से हमेशा बचे सजग रहो सतर्क रहो





