राजस्थान में एलपीजी की कमी के बीच तेल कंपनियों ने 5 किलोग्राम वाले छोटे गैस सिलेंडर को आम लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध तो कर दिया है, लेकिन इसकी कीमत ने लोगों को चौंका दिया है। यह छोटा सिलेंडर प्रति किलो के हिसाब से घरेलू और कॉमर्शियल दोनों गैस सिलेंडरों से ज्यादा महंगा पड़ रहा है।
कितनी है कीमत?
5 किलो गैस सिलेंडर का नया कनेक्शन लगभग 1490 रुपये में मिल रहा है
रिफिल कराने पर करीब 616 रुपये खर्च करने पड़ते हैं
यानी प्रति किलो गैस की कीमत लगभग 123 रुपये बैठती है
वहीं तुलना करें तो:
घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर: 916.50 रुपये (लगभग 64.50 रुपये/किलो)
कॉमर्शियल 19 किलो सिलेंडर: 2106 रुपये (करीब 111 रुपये/किलो)
साफ है कि छोटा सिलेंडर सबसे महंगा साबित हो रहा है
क्यों बढ़ी कीमत?
तेल कंपनियों का कहना है कि यह सुविधा खासतौर पर मजदूरों, प्रवासी कर्मचारियों और अस्थायी रूप से रहने वाले लोगों के लिए दी गई है, ताकि उन्हें गैस की कमी का सामना न करना पड़े।
केवल एक आईडी पर कनेक्शन मिल रहा है
बिना किसी लिमिट के रिफिल कराया जा सकता है
लेकिन सुविधा के बावजूद इसकी ऊंची कीमत लोगों के लिए परेशानी बन रही है
गैस की कमी बनी बड़ी वजह
राज्य में इस समय एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य नहीं है:
घरेलू सिलेंडर बुकिंग के लिए 25 दिन का अंतराल तय है
कॉमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता भी केवल करीब 70% तक सीमित है
इसके उलट, 5 किलो सिलेंडर पेट्रोल पंप और एजेंसियों पर आसानी से मिल रहा है
क्या कहते हैं हालात?
विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे सिलेंडर की कीमत ज्यादा होने के पीछे सप्लाई, लॉजिस्टिक्स और सुविधा आधारित मॉडल जिम्मेदार है। हालांकि आम उपभोक्ता के लिए यह “सस्ता विकल्प” नहीं बल्कि “महंगा विकल्प” बन गया है।
आम आदमी पर असर
रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों पर सीधा असर
किराए पर रहने वाले और छात्रों के लिए महंगा विकल्प
गैस की कमी के चलते मजबूरी में खरीदना पड़ रहा है
सरकार और कंपनियों ने 5 किलो सिलेंडर को आसान उपलब्धता के लिए शुरू किया, लेकिन इसकी ऊंची कीमत ने राहत को बोझ में बदल दिया है। ऐसे में जरूरत है कि या तो इसकी कीमत कम की जाए या फिर घरेलू गैस की सप्लाई को बेहतर किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।








