राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी अब अपने अंतिम चरण में है और 21 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री Narendra Modi इसके भव्य लोकार्पण के साथ इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह परियोजना राज्य के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होने जा रही है।
लोकार्पण से पहले तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma आज रिफाइनरी स्थल का दौरा करेंगे। उनके साथ प्रशासन और पुलिस के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, जो कार्यक्रम की सुरक्षा, जनसभा स्थल और हेलीपैड सहित सभी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करेंगे।
तैयारियों पर CM की पैनी नजर
मुख्यमंत्री के दौरे का उद्देश्य केवल औपचारिक निरीक्षण नहीं, बल्कि हर स्तर पर व्यवस्थाओं की मजबूती सुनिश्चित करना है। अधिकारियों द्वारा प्रधानमंत्री की सभा, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर विस्तृत प्लान तैयार किया गया है।
दो महीने में दूसरी बार राजस्थान आएंगे PM
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा खास इसलिए भी है क्योंकि पिछले दो महीनों में यह उनका दूसरा राजस्थान दौरा होगा। इससे पहले वे फरवरी में अजमेर में बड़े विकास कार्यों का उद्घाटन कर चुके हैं। अब पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण राज्य के लिए एक और बड़ा आर्थिक संकेत माना जा रहा है।
13 साल का सफर: शिलान्यास से लोकार्पण तक
इस मेगा प्रोजेक्ट की शुरुआत 2013 में हुई थी, जब Sonia Gandhi ने इसकी नींव रखी थी। इसके बाद 2018 में प्रधानमंत्री मोदी ने इसे नई शर्तों और संशोधित लागत के साथ आगे बढ़ाया।
समय के साथ तकनीकी बदलाव, कोविड महामारी और अन्य कारणों से इसकी लागत लगातार बढ़ती गई और अब यह करीब 79,000 करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर चुकी है।
आधुनिक तकनीक और पर्यावरण का संतुलन
यह रिफाइनरी देश की सबसे उन्नत तकनीकों से लैस मानी जा रही है। यहां बनने वाला ईंधन अंतरराष्ट्रीय उत्सर्जन मानकों के अनुरूप होगा। खास बात यह है कि पूरी प्रक्रिया में तरल कचरे का बाहर निकलना लगभग शून्य रहेगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
इसकी सालाना क्षमता लगभग 9 मिलियन टन कच्चे तेल को प्रोसेस करने की है, जिसमें विदेशी और घरेलू दोनों स्रोतों से तेल आएगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार का बड़ा हब
रिफाइनरी के साथ-साथ क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है। माल परिवहन के लिए नई रेलवे लाइन बिछाई जा रही है, जिससे लॉजिस्टिक्स आसान होगा।
इस परियोजना से हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है और आसपास पेट्रोकेमिकल उद्योगों के विकास को भी गति मिलेगी।
थार में बदलेगा विकास का नक्शा
पचपदरा रिफाइनरी केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि पश्चिमी राजस्थान के लिए आर्थिक क्रांति का प्रतीक बनकर उभर रही है। 21 अप्रैल का दिन राज्य के विकास इतिहास में एक नए अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रहा है, जब थार के रेगिस्तान से ऊर्जा और समृद्धि की नई कहानी शुरू होगी।








