राजस्थान में एलपीजी की कमी के बीच अब केंद्र सरकार और तेल कंपनियों ने राहत देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। खासतौर पर प्रवासी श्रमिकों और छात्रों के लिए 5 किलोग्राम वाले छोटे घरेलू गैस सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है, ताकि उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों में परेशानी न हो।
आपूर्ति बढ़ाने का बड़ा प्लान
राज्यभर से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पेट्रोलियम मंत्रालय ने तुरंत कार्रवाई की है। अब राजस्थान की करीब 1386 गैस एजेंसियों को 41 हजार से ज्यादा 5KG सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे आने वाले दिनों में गैस की किल्लत कम होने की उम्मीद है।
जयपुर में भी राहत
राजधानी जयपुर में भी आपूर्ति मजबूत करने पर फोकस किया गया है। यहां 75 गैस एजेंसियों को 2200 से ज्यादा छोटे सिलेंडर दिए जाएंगे, जिससे स्थानीय उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
डिलीवरी सिस्टम हुआ बेहतर
गैस कंपनियों का दावा है कि अब सिलेंडर बुकिंग के बाद 4 से 5 दिन के भीतर डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को इंतजार कम करना पड़ेगा।
आसान कनेक्शन, सिर्फ ID से मिलेगा सिलेंडर
प्रवासी मजदूरों और छात्रों के लिए बड़ी राहत यह है कि अब केवल पहचान पत्र के आधार पर ही 5 किलो सिलेंडर का नया कनेक्शन लिया जा सकता है।
नया कनेक्शन शुल्क: करीब ₹1490
इसमें भरा हुआ 5KG सिलेंडर शामिल है
सबसे बड़ा झटका: कीमत ने बढ़ाई चिंता
जहां एक तरफ उपलब्धता बढ़ी है, वहीं दूसरी तरफ इसकी कीमत उपभोक्ताओं को परेशान कर रही है।
5KG सिलेंडर रिफिल: ₹616
प्रति किलो कीमत: लगभग ₹123
यह दर:
सामान्य घरेलू सिलेंडर से करीब दोगुनी
और कॉमर्शियल सिलेंडर से भी ज्यादा महंगी है
यानी छोटा सिलेंडर होने के बावजूद यह सबसे महंगा विकल्प बनकर सामने आया है।
राहत बनाम महंगाई—दोहरी स्थिति
सरकार और कंपनियों का यह कदम जरूरतमंद वर्ग के लिए राहत जरूर लेकर आया है, लेकिन ऊंची कीमतें इस राहत को आंशिक बना रही हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या भविष्य में कीमतों में भी राहत मिलेगी या नहीं।
राजस्थान में 5KG गैस सिलेंडर की बढ़ती उपलब्धता से प्रवासी मजदूरों और छात्रों को बड़ी राहत मिलने वाली है। हालांकि, इसकी ऊंची कीमतें अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। आने वाले समय में सरकार अगर कीमतों पर भी नियंत्रण करती है, तो यह योजना और प्रभावी साबित हो सकती है।








