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8 साल बाद फिर दौड़ी ‘जननी एक्सप्रेस’—अब प्रसूताओं को मिलेगा समय पर जीवनदायी सहारा!

जननी एक्सप्रेस, 104 एम्बुलेंस, श्रीगंगानगर, सूरतगढ़ अस्पताल, मातृ स्वास्थ्य, शिशु सुरक्षा
जननी एक्सप्रेस, 104 एम्बुलेंस, श्रीगंगानगर, सूरतगढ़ अस्पताल, मातृ स्वास्थ्य, शिशु सुरक्षा

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। लंबे समय से बंद पड़ी 104 जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस सेवा को अब नए सिरे से शुरू किया जा रहा है। खास बात यह है कि सूरतगढ़ उप जिला अस्पताल में करीब आठ वर्षों के बाद यह सेवा फिर से शुरू होने जा रही है, जिससे गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

क्या है जननी एक्सप्रेस सेवा?

राज्य में जननी-शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत यह सेवा साल 2011 में शुरू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को समय पर अस्पताल पहुंचाना और सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करना है, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।

क्यों बंद हुई थी सेवा?

सूरतगढ़ क्षेत्र में यह एम्बुलेंस सेवा वर्ष 2014 में शुरू हुई थी, लेकिन 2018 में तकनीकी खराबी के चलते इसे बंद कर दिया गया था। इसके बाद से प्रसूताओं को अस्पताल आने-जाने के लिए 108 एम्बुलेंस या निजी साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा था।

अब क्या बदलेगा?

इस सेवा के दोबारा शुरू होने से हर महीने सैकड़ों प्रसव कराने वाले इस अस्पताल से जुड़ी महिलाओं को सीधा फायदा मिलेगा। अब उन्हें अस्पताल पहुंचने और प्रसव के बाद घर लौटने के लिए सुरक्षित और निशुल्क सुविधा मिलेगी।

किन-किन केंद्रों से चलेगी सेवा?

नई व्यवस्था के तहत जिले में सात प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों से 104 जननी एक्सप्रेस का संचालन किया जाएगा। इन केंद्रों को इस तरह व्यवस्थित किया गया है कि आसपास के ग्रामीण इलाकों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके और जरूरत के समय एम्बुलेंस तुरंत उपलब्ध हो।

खर्च और संचालन कैसे होगा?

इस सेवा का खर्च संबंधित अस्पतालों द्वारा आरएमआरएस (रोगी कल्याण समिति) के माध्यम से उठाया जाएगा। साथ ही एम्बुलेंस चालकों को 108 आपातकालीन सेवा के कॉल सेंटर से जोड़ा जाएगा, ताकि कॉल मिलते ही तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।

प्रशासन की तैयारी

प्रारंभिक चरण में एम्बुलेंस चालकों की नियुक्ति एनजीओ के जरिए अस्थायी रूप से की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, आने वाले समय में राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार इस व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

सुरक्षित मातृत्व की ओर बड़ा कदम

इस पहल से न केवल गर्भवती महिलाओं को समय पर इलाज मिल सकेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए यह सेवा किसी जीवनरेखा से कम नहीं होगी।104 जननी एक्सप्रेस का फिर से शुरू होना श्रीगंगानगर जिले के लिए राहत भरी खबर है, जो मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा।

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