राजस्थान के बालोतरा स्थित पचपदरा रिफाइनरी में हाल ही में लगी आग के मामले में अब प्रारंभिक जांच के आधार पर बड़ा कारण सामने आया है। रिफाइनरी संचालक HPCL ने स्पष्ट किया है कि घटना की जड़ में तकनीकी खामी के चलते हुआ हाइड्रोकार्बन का रिसाव था।
क्या था पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, रिफाइनरी के हीट एक्सचेंजर सिस्टम में लगे वाल्व या फ्लैंज से हाइड्रोकार्बन लीक हो गया। यही रिसाव आगे चलकर आग का कारण बना। प्रारंभिक जांच में इसी तकनीकी खराबी को मुख्य वजह माना गया है।
आग कितनी बड़ी थी?
राहत की बात यह रही कि आग सीमित क्षेत्र तक ही रही। यह मुख्य रूप से हीट एक्सचेंजर स्टैक तक ही सीमित रही और समय रहते नियंत्रण में ले ली गई। इससे बड़ी तबाही टल गई।
सुरक्षा के लिए तुरंत उठाए गए कदम
घटना के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत तुरंत बड़े फैसले लिए गए—
क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) और वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट (VDU) को तुरंत अलग (आइसोलेट) कर दिया गया
CDU सेक्शन की अन्य यूनिटों को भी एहतियातन बंद कर दिया गया
पूरे प्लांट में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय कर दिया गया
नुकसान और स्थिति
अब तक किसी जनहानि की खबर सामने नहीं आई है, जो सबसे राहत की बात है। हालांकि, तकनीकी नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित हिस्सों की जांच जारी है।
कंपनी द्वारा विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही, सुरक्षा मानकों की दोबारा समीक्षा भी की जा रही है।
समय पर की गई कार्रवाई से एक बड़ी औद्योगिक दुर्घटना टल गई, लेकिन यह घटना रिफाइनरी सुरक्षा सिस्टम पर कई सवाल भी खड़े करती है।








