15 अप्रैल 2026 को राजस्थान में गर्मी ने अपने तेवर पूरी तरह दिखाने शुरू कर दिए हैं। पश्चिमी जिलों—खासतौर पर बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर—में तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। कई इलाकों में पारा सामान्य से काफी ऊपर दर्ज हो रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है।
मौसम विभाग के अनुसार, बाड़मेर में तापमान 44–45°C के पार पहुंच चुका है, जबकि कोटा, चित्तौड़गढ़, जैसलमेर और चूरू जैसे जिलों में भी तापमान 43°C के आसपास या उससे अधिक दर्ज किया गया। यह संकेत है कि प्रदेश धीरे-धीरे भीषण हीटवेव की गिरफ्त में आ रहा है।
हीटवेव का खतरा बढ़ा
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के साथ-साथ शेखावाटी क्षेत्र में लू चलने की प्रबल संभावना जताई गई है। दिन के समय तेज गर्म हवाएं और चिलचिलाती धूप लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। दोपहर के समय बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है।
मौसम रहेगा शुष्क
हालांकि 15 अप्रैल की रात को एक हल्का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, लेकिन इससे राहत की उम्मीद कम है। पूरे राज्य में मौसम मुख्य रूप से शुष्क ही बना रहेगा और बारिश की संभावना नगण्य है।
आगे और बढ़ेगी गर्मी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले 3 से 4 दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। इससे हीटवेव का असर और ज्यादा खतरनाक हो सकता है, खासकर पश्चिमी जिलों में हालात गंभीर बन सकते हैं।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
दोपहर 11 बजे से 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें
ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पदार्थ लें
सिर और शरीर को ढककर रखें
बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें
राजस्थान में गर्मी अब चरम की ओर बढ़ रही है और आने वाले दिन लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। प्रशासन और आमजन दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है।






