अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच अब कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। Donald Trump ने संकेत दिया है कि आने वाले 48 घंटों में दोनों देशों के बीच बातचीत फिर से शुरू हो सकती है, जिससे वैश्विक राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
पाकिस्तान बन सकता है बातचीत का केंद्र
पहले जहां इस वार्ता के लिए यूरोप को संभावित स्थान माना जा रहा था, वहीं अब पाकिस्तान का नाम तेजी से सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लामाबाद में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच अहम बैठक हो सकती है।
“कुछ बड़ा होने वाला है” – ट्रंप
एक बातचीत में ट्रंप ने साफ कहा कि अगले दो दिनों में कोई बड़ा घटनाक्रम सामने आ सकता है। उन्होंने यह भी माना कि अब तक बातचीत धीमी रही है, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं और समाधान की दिशा में बढ़त संभव है।
संयुक्त राष्ट्र ने भी जताई उम्मीद
Antonio Guterres ने भी सकारात्मक संकेत दिए हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री से बातचीत के बाद उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संवाद फिर से शुरू होने की पूरी संभावना है।
परमाणु मुद्दे पर अड़ा अमेरिका
अमेरिका का रुख अभी भी सख्त बना हुआ है। उसने ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है जिसमें यूरेनियम संवर्धन पर अस्थायी रोक की बात कही गई थी। ट्रंप का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
बातचीत में प्रगति, लेकिन समझौता दूर
Abbas Araghchi ने माना कि कई मुद्दों पर बातचीत में प्रगति हुई है, लेकिन अंतिम समझौता अभी भी दूर है। अमेरिका की सख्त शर्तें इस राह में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं।
अमेरिका-ईरान संबंध एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर हैं। अगर अगले दो दिनों में बातचीत शुरू होती है, तो यह न सिर्फ दोनों देशों के लिए बल्कि पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक शांति के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।








