ईरान और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत और अमेरिका के रिश्ते एक बार फिर वैश्विक चर्चा का केंद्र बन गए हैं। इसी कड़ी में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi के बीच मंगलवार को करीब 40 मिनट तक फोन पर अहम बातचीत हुई। इस वार्ता को मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
दोनों नेताओं के बीच बातचीत में सबसे बड़ा फोकस पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा पर रहा। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम है, इसलिए इसकी सुरक्षा को लेकर दोनों देशों ने चिंता जताई।
इसके अलावा:
भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति
वैश्विक शांति और स्थिरता बनाए रखने पर जोर
द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों की समीक्षा
पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस बातचीत की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों देशों ने आपसी संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और भविष्य में साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत हमेशा शांति और स्थिरता के पक्ष में खड़ा है।

🇺🇸 अमेरिका की ओर से क्या संकेत?
भारत में अमेरिकी राजदूत ने भी इस बातचीत की पुष्टि करते हुए बताया कि:
ईरान से जुड़े हालात पर विस्तार से चर्चा हुई
शांति प्रक्रिया में भारत की संभावित भूमिका पर भी विचार हुआ
आने वाले समय में कुछ बड़े कूटनीतिक फैसले सामने आ सकते हैं
साथ ही यह भी संकेत मिला कि अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio जल्द भारत दौरे पर आ सकते हैं, जो दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा दे सकता है।
पहले भी हो चुकी है बातचीत
इससे पहले 24 मार्च को भी मोदी और ट्रंप के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें पश्चिम एशिया की स्थिति ही मुख्य मुद्दा रही थी। लगातार हो रही इन चर्चाओं से साफ है कि भारत अब वैश्विक कूटनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका
मौजूदा हालात में भारत सिर्फ एक दर्शक नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार और संतुलित शक्ति के रूप में उभर रहा है। पश्चिम एशिया संकट में भारत की सक्रिय भागीदारी आने वाले समय में वैश्विक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि इस बातचीत के बाद भारत-अमेरिका संबंध और मध्य पूर्व की स्थिति किस दिशा में आगे बढ़ती है।








