मध्य-पूर्व में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। हाल ही में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़े सैन्य टकराव ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। इसी कड़ी में ईरान ने सऊदी अरब स्थित एक अहम सैन्य ठिकाने पर मिसाइल हमला कर जवाबी कार्रवाई की है।
सऊदी एयरबेस पर मिसाइल हमला, अमेरिकी सैनिक घायल
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने प्रिंस सुल्तान एयर बेस को निशाना बनाते हुए मिसाइल दागी। इस हमले में अमेरिकी एयरफोर्स के एरियल रिफ्यूलिंग विमानों को नुकसान पहुंचा है।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि ये विमान पूरी तरह नष्ट नहीं हुए हैं और फिलहाल उनकी मरम्मत जारी है। इस हमले में लगभग 10 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
300 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक पहले ही हो चुके घायल
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एक प्रवक्ता के मुताबिक, इस पूरे संघर्ष के दौरान अब तक 300 से अधिक अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं। हालांकि, इनमें से अधिकांश सैनिक इलाज के बाद फिर से ड्यूटी पर लौट चुके हैं।
इसके अलावा, अब तक 13 अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत भी हो चुकी है, जो इस संघर्ष की गंभीरता को दर्शाता है।
ईरान में अमेरिका-इजरायल के हमले, कई नागरिकों की मौत का दावा
दूसरी ओर, ईरान के पश्चिमी हिस्से में स्थित करमानशाह प्रांत पर अमेरिका और इजरायल द्वारा हमले किए जाने की खबर है।
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। मृतकों में महिलाएं, बच्चे और एक गर्भवती महिला भी शामिल बताई जा रही हैं। ईरान का आरोप है कि हमले आवासीय इलाकों को निशाना बनाकर किए गए।
मध्य-पूर्व में 10,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी
अमेरिकी रक्षा विभाग के एक अधिकारी के हवाले से खबर है कि अमेरिका पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी और बढ़ा सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 10,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने पर विचार किया जा रहा है। इसमें 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के सैनिक, पैदल सेना और बख्तरबंद यूनिट शामिल हो सकती हैं।
अमेरिकी नेता मार्को रूबियो ने संकेत दिया है कि यह संघर्ष लंबा नहीं चलेगा और आने वाले हफ्तों में स्थिति सामान्य हो सकती है।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया और चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजरायल के हमलों की तीखी आलोचना की है।

उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु और औद्योगिक ठिकानों पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और इसका जवाब दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप पर भी आरोप लगाया कि यह कार्रवाई बातचीत के माहौल के खिलाफ है।
क्षेत्रीय शांति पर मंडराता खतरा
मध्य-पूर्व में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और जवाबी हमलों से हालात बेहद नाजुक हो गए हैं। एक तरफ जहां कूटनीतिक बातचीत जारी है, वहीं दूसरी तरफ लगातार हो रहे हमले बड़े युद्ध की आशंका को जन्म दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र को गंभीर संकट में डाल सकता है।








