Jambhsar Media Digital Desk : नोटबंदी के बाद से मार्केट में नकली नोटों (counterfeit notes) की घुसपैठ तेजी से बढ़ी है। बीते महीनों पहले ही नोट की सिक्योरिटी को लेकर RBI ने सतर्क किया था। समय-समय पर वह करेंसी नोट की सिक्योरिटी को और भी बढ़ाती रहती है। फिर भी अक्सर नकली नोटों की खबरें सुनने को मिलती रहती है। इसी बीच अब दो हजार के नोट बंद होने के बाद 200, 500 और 50 रुपये के जाली नोट बाजार में तेजी से फेल रहे हैं। हाल ही में 200 रुपये के नोट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। आइए नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं-
आरबीआई (RBI) यानी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 19 मई, 2023 को 2000 रुपये के नोटों को सर्कुलेशन से बाहर कर दिया था। जिसके बाद आरबीआई ने इन नोटों को सितंबर तक लीगल टेंडर बने रहने की बात कही थी। ऐसे में 2,000 रुपये के नोटों को बदलने या बैंक खातों में जमा कराने की समयसीमा अंतिम तिथि सात अक्टूबर थी।
लेकिन इसके बाद भी लोगों के पास दो हजार रुपये के नोट मौजूद रह गए। वहीं, एक ओर नोट बंद होने के बाद मार्केट में नकली नोटों की घुसपैठ तेजी से बढ़ी है। 500, 50 और 200 के नकली नोटों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। जिसके चलते ये नोट आरबीआई के लिए सिरदर्द बन गए हैं।
आपकी जेब में पड़ा 50-200 रुपए का नोट कहीं नकली तो नहीं ? एक बार चेक जरूर कर लीजिए. क्योंकि RBI ने इस Denomination के नोट को लेकर ग्राहकों को आगाह किया है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ( Reserve Bank of India) के मुताबिक कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जालसाजों ने अब बड़े Currency note के बजाय छोटे नोटों के साथ खिलवाड़ शुरू किया है. यानि वे छोटी करंसी के नकली नोट बाजार में फैला रहे हैं. RBI ने लोगों को नकली नोट के इस्तेमाल के लिए सतर्क किया है. साथ ही असली और नकली नोट की पहचान करना भी बताया है.
500 रुपये के अलावा 20 रुपये के नकली नोटों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले कुछ ही सालों में 20 रुपये के नकली नोटों में 8.4 फीसदी की तेजी आई है. वहीं 10 रुपये के नकली नोटों की संख्या में 11.6 फीसदी, 100 रुपये के नकली नोटों की संख्या में 14.7 फीसदी की कमी आई है. नकली नोट के अलावा आरबीआई ने अपनी एनुअल रिपोर्ट में नोटों पर होने वाली छपाई की भी पूरी जानकारी दी है. आरबीआई ने पिछले सालों में कुल 4 हजार 682.80 करोड़ रुपये नोट छापने के लिए खर्च किए थे। 2021-22 में छपाई का खर्च 4 हजार 984.80 करोड़ रुपये था।
50 रुपए के असली नोट में Front में मूल्य वर्ग में 50 के साथ आर-पार मिलान कीजिए.
देवनागरी में ५० लिखा है.
बीच में महात्मा गांधी की फोटो है
माइक्रो लेटर्स में ‘RBI’, ‘भारत’, ‘INDIA’ और ‘50’ लिखा है.
demetalised security thread है जिस पर ‘भारत’ और RBI दर्ज है.
दाईं ओर अशोक Ashoka Pillar emblem है
इलेक्ट्रोटाइप (50) वॉटरमार्क है
नंबर पैनल ऊपर बाएं तरफ और नीचे दाईं तरफ छोटे से बढ़ते आकार में लिखे होते हैं.
1. नोट में सामने की तरफ 200 रुपये का अंक उस स्थान पर भी है, जो तब दिखेगा जब आप नोट को रोशनी की ओर करके देखेंगे। इसी जगह पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर भी दिखेगी।
2. सामने वाले हिस्से में देवनागरी लिपि में दो सौ लिखा है, उसी तरह पिछले हिस्से में भी देवनागरी में दो सौ लिखा हुआ है।
3. सामने की ओर नोट के बीच में महात्मा गांधी की तस्वीर छपी है और 200 रुपये का वाटरमार्क भी है।
4. हरे रंग का सुरक्षा धागा, जिस पर भारत और आरबीआइ लिखा हुआ है। हरे रंग का यह सुरक्षा धागा नोट को तिरछा करने पर नीले रंग में चमकता है।
5. महात्मा गांधी की तस्वीर के बगल में गारंटी क्लॉज, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के हस्ताक्षर, वादे का क्लॉज और भारतीय रिजर्व बैंक की सील है।
6. सामने की तरफ दायीं ओर नीचे की तरफ 200 रुपये लिखा हुआ, जिसका रंग नोट को तिरछा करने पर हरे से नीले रंग में दिखने लगता है।
7. सामने की तरफ दायीं ओर अशोक स्तंभ का चिह्न है।








