27 पहेले किया था यौन उत्पीड़न
यह बात वर्ष 1994 की है जब यौन उत्पीड़न पीड़िता की उम्र मात्र 12 वर्ष की थी। वह सदर बाजार क्षेत्र में अपने जीजा और बहन के साथ रहा करती थी। करीब 600 मीटर की दूरी पर मोहल्ला महमंद जलालनगर का निवासी नकी हसन जिसे ब्लेडी ड्राइवर के नाम से भी जाना जाता था और उसका भाई गुड्डू रहते थे। पीड़िता के बहन ओर जीजाजी नौकरी किया करते थे।एक दिन जब वे किसी काम के सिलसिले में वे दोनों ही बाहर गए हुवे थे, तभी नकी उर्फ बलेडी घर में घुस आया। ओर उसने बालिका से दुष्कर्म किया। अगले दिन गुड्डू ने भी दरिंदगी की। इसके बाद तो दोनों भाईयो ने लगातार डरा-धमकाकर दो वर्ष तक उससे यौन उत्पीड़न करते रहे।
यौन उत्पीड़न पर नहीं कर पाए कारवाही
पीड़िता की बहन-बहनोई ने नकी के घर में शिकायत की कि वह गर्भवती हो गई थी। दोनों भाइयों ने उस परिवार को इतना धमका दिया कि वे भयभीत होकर कोई शिकायत नहीं कर पाए । डॉक्टर ने कम उम्र को देखते हुवे तथा उम्र कम होने के कारण गर्भपात कराने से भी इनकार कर दिया। तकरीबन 13 वर्ष की आयु में पीडिता ने रामपुर में एक बेटे को जन्म दिया था । परिजनों ने लोकलाज तथा तानों के डर के कारण से बेटे को हरदोई के किसी रिश्तेदार को पालने के लिए सौंप दिया। पीड़िता का विवाह घटना के छह साल बाद 18 की उम्र मे हुआ था। पति को जब उसके अतीत का पता लगा तो उसने शादी के छह साल बाद विवाह के पवित्र बंधन को तोड़ दिया।
घटना के 27 साल बाद आखिरकार दर्ज हुई यौन उत्पीड़न की रिपोर्ट
बचे के अपने माता के बारे में जानने के बाद, अपनी माँ (पीड़िता) का बेटे से 2012 में पहेली बार संपर्क हुआ था । उस समय वह मात्र 17 साल का था। बेटे द्वारा हौसला देने पर पीड़ित ने 5 मार्च 2021 को सदर बाजार थाने में आखिरकार रिपोर्ट दर्ज कराई। महिला के अनुरोध करने पर बेटे के डीएनए का परीक्षण किया गया और इस तरहे आरोपी नकी हसन की पहचान की गई । पुलिस की ओर से दोनों भाइयों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में भेजा गया था. इसके अलावा, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (छह) लवी यादव ने दोनों दोषियों पर 30,000 रुपये का जुर्माना लगाया और उन्हें दस साल की जेल की सजा सुनाई। 1994 में गुडडू 22 साल का था और नकी 25 साल का था।








