राजस्थान के जोधपुर में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मकान की छत पर संचालित अवैध एमडी ड्रग्स (MDMA) निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। यह कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देशन में की गई, जिसमें लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
छत पर बनाई गई थी खतरनाक केमिकल लैब
जांच में सामने आया कि आरोपी ने घर की छत पर ही अस्थायी लैब तैयार कर रखी थी, जहां खतरनाक और जहरीले केमिकल्स की मदद से एमडी ड्रग्स तैयार की जा रही थी। लैब में कई प्रकार के केमिकल, उपकरण और मिश्रण सामग्री बरामद हुई, जो यह दर्शाती है कि यहां संगठित तरीके से ड्रग्स बनाई जा रही थी।
3 करोड़ से ज्यादा की एमडी ड्रग्स बरामद
छापेमारी के दौरान टीम ने करीब 3.055 किलोग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की, जिसकी बाजार कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में केमिकल और ड्रग्स बनाने के उपकरण भी जब्त किए गए हैं।

कर्ज के बोझ में आरोपी ने चुना गलत रास्ता
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पर भारी कर्ज था, जिससे निकलने के लिए उसने यह अवैध रास्ता अपनाया। आर्थिक तंगी के चलते उसने ड्रग्स बनाने और सप्लाई करने का नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश की।
आरोपी हिरासत में, नेटवर्क की जांच जारी
एजीटीएफ ने मुख्य आरोपी को मौके से हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह यह ड्रग्स कहां सप्लाई करता था और उसके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस का बड़ा संदेश
इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि राज्य में ड्रग्स के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा। अवैध नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जोधपुर में छत पर चल रही इस गुप्त ड्रग्स फैक्ट्री का खुलासा न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि नशे का कारोबार किस तरह नए-नए तरीकों से फैल रहा है। पुलिस की सतर्कता से एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जिससे भविष्य में कई युवाओं को इस जाल में फंसने से बचाया जा सकता है।








