राजस्थान के सीमावर्ती जिले बीकानेर में सेना क्षेत्र के नजदीक संदिग्ध सुरंग मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। यह सुरंग डूंगर कॉलेज परिसर में पाई गई, जो बीकानेर कैंट से करीब 250 मीटर की दूरी पर स्थित है। शुरुआती तौर पर इसे सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माना गया और जासूसी की आशंका जताई गई।
क्या मिला सुरंग से?
जांच के दौरान सुरंगनुमा गड्ढे से कुछ सामान बरामद हुआ, जिनमें—
हेडफोन
बिजली के तार
अखबार में लिपटी रोटियां
ये सभी चीजें मिलने के बाद मामला और भी संदिग्ध लगने लगा था।
सुरक्षा एजेंसियां हुईं अलर्ट
सुरंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मिलिट्री इंटेलिजेंस और स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए मामले की गंभीरता से जांच शुरू की गई।
दो भाइयों को लिया हिरासत में
जांच के दौरान पुलिस ने दो भाइयों—अजय मेहरा और विजय मेहरा—को डिटेन किया। दोनों स्थानीय क्षेत्र के रहने वाले हैं और आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में हैं।

सुरंग नहीं, अस्थायी घर बनाने की कोशिश
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह सुरंग किसी जासूसी या सुरक्षा भंग करने के इरादे से नहीं बनाई गई थी। दरअसल, अजय मेहरा ने वहां रहने के लिए जमीन खोदकर एक अस्थायी ठिकाना बनाने की कोशिश की थी।
दोनों भाइयों का स्थायी घर नहीं है
पहले का मकान प्रशासन द्वारा हटाया जा चुका है
अजय कबाड़ इकट्ठा कर गुजारा करता है
आपसी विवाद के बाद उसने अलग रहने का फैसला किया
पुलिस का बयान
थानाधिकारी विक्रम तिवाड़ी के अनुसार,
“अब तक की जांच में जासूसी जैसी कोई साजिश सामने नहीं आई है। यह सिर्फ रहने के लिए खोदा गया गड्ढा था, हालांकि मामले की पूरी जांच जारी है।”
क्यों बना बड़ा मामला?
यह पूरा मामला इसलिए संवेदनशील बन गया क्योंकि—
सुरंग सैन्य क्षेत्र के बेहद करीब मिली
सीमा क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा पहले से हाई अलर्ट पर रहती है
संदिग्ध सामान मिलने से शक और गहरा गया
बीकानेर में मिली यह सुरंग पहली नजर में सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा लग रही थी, लेकिन जांच में यह मामला मानवीय मजबूरी से जुड़ा निकला। हालांकि, सेना क्षेत्र के पास इस तरह की गतिविधियां भविष्य में भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बनी रहेंगी।








