Jambhsar Media News Digital Desk नई दिल्ली: आम जनता के लिए राहत की खबर। दरसअल आपको बता दें कि पहले सस्ती दर पर चना दाल, गेहूं आटा और चावल के बाद सरकार ‘भारत मसूर दाल’ (Bharat Masoor Dal) को बाजार में उतारने की योजना कर रही है। ऐसे में आइए नीचे खबर में जान लेते है आखिर क्या रखा है सरकार ने रेट।
बढ़ती महंगाई के बीच इस साल दालों की कीमतों ने भी रिकॉर्ड बनाया है. पहले सस्ती दर पर चना दाल, गेहूं आटा और चावल के बाद सरकार ‘भारत मसूर दाल’ (Bharat Masoor Dal) को बाजार में उतारने की योजना है. चुनावी साल में सरकार की तरफ से यह सौगात दिये जाने का मकसद आम आदमी को राहत देने के साथ ही महंगाई दर नीचे लाना है.
अभी बाजार में मसूर की एक किलो ब्रांडेड दाल की कीमत 125 रुपये है. दूसरी तरफ मसूर दाल की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 93.5 रुपये प्रति किलो के करीब है. लेकिन सरकार भारत मसूर दाल की बिक्री 89 रुपये प्रति किलो की दर पर करेगी. दाल की बिक्री मार्च महीने के पहले हफ्ते से होने की उम्मीद की जा रही है.
भारत आटा, भारत चावल और भारत दाल के बाद सरकार ने भारत मसूल दाल भी बेचेने की पूरी तैयारी कर ली है. सरकार की इस योजना से जुड़ी जानकारी रखने वाले अधिकारी ने बताया कि पहले चरण में नाफेड नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग नाफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) की तरफ से 25,000 टन दाल की प्रोसेसिंग और पैकिंग की जाएगी. इसके बाद दाल को देशभर में केंद्रीय भंडार के जरिये डिस्ट्रीब्यूट किया जाएगा. चना दाल की ही तरह भारत मसूर दाल भी एक किलो वाले पैक में ग्राहकों के लिए बाजार में उपलब्ध होगी.
महंगाई पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने सस्ता आटा, चावल और चना दाल की भी सौगात दी है. जुलाई 2023 में दालों की कीमत आसमान पर पहुंच गई थी. इसके बाद केंद्र की मोदी सरकार ने 17 जुलाई 2023 से भारत ब्रांड नाम से चने की दाल की बिक्री शुरू की थी. एक किलो दाल का पैक रिटेल मार्केट में 60 रुपये में मिल रहा है.
वहीं 30 किलो वाला पैक 55 रुपये किलो के हिसाब से दिया जाता है. इसके बाद नवंबर 2023 में ‘भारत आटा’ नाम से सस्ता आटा बाजार में लाया गया. इसका 10 किलो आटे का पैक 275 रुपये में मिल रहा है. इसके अलावा चावल भी सरकार की तरफ से 29 रुपये प्रति किलो के रेट पर उपलब्ध कराया जा रहा है.
भारत मसूर दाल की बिक्री नेफेड और (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) के जरिये किया जाएगा. इस दाल की बिक्री भी केंद्रीय भंडार और सफल की खुदरा दुकानों के जरिये की जा सकती है. जिस तरह भारत दाल अभी रिलायंस स्टोर और दूसरी जगह उपलब्ध होती है, उसी तरह भारत मसूर दाल की भी बिक्री किये जाने की उम्मीद है.
सरकार मसूल दाल की बिक्री बिना किसी छूट के 89 रुपये किलो के रेट पर करेगी. एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि महंगाई दर के नीचे आने और सरकारी भंडार में भारी मात्रा में मसूर दाल होने के बावजूद इसकी कीमत में इजाफा हुआ है. उन्होंने बताया, फिलहाल सरकारी भंडार में करीब 7,20,000 टन मसूर दाल है. दाल की बिक्री मार्च के पहले हफ्ते से ही शुरू होने की उम्मीद है.
पिछले कैलेंडर ईयर में भारत ने करीब 3.1 मिलियन टन दाल का आयात किया था. इसमें से आधी मसूर कनाडा और ऑस्ट्रेलिया से आई थी. महंगाई पर लगाम लगाने के लिए केंद्र एनएफईडी, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार के जरिये भारत चावल 29 रुपये किलो, भारत आटा 27.50 रुपये किलो और भारत चना दाल 60 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेच रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 2023 में महंगाई पर लगाम लगाने का वादा किया था. इसके बाद सरकार ने महंगाई को नीचे लाने के लिए कई कदम उठाए हैं.








