ब्रेकिंगमहाकुंभ की मोनालिसा निकली नाबालिग! शादी के बाद हुआ बड़ा खुलासा...ब्रेकिंगफोन पर बात बनी मौत की वजह! दौसा में वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आई टीचर, दिल दहला देने वाला हादसा...ब्रेकिंग“महाकुंभ की वायरल गर्ल निकली नाबालिग! फर्जी जन्म प्रमाण पत्र से रची शादी CMO तक पर गिरी गाज”ब्रेकिंग“वैष्णो देवी यात्रा बनी वरदान! बहन की नजर पड़ी और मिल गया खोया हुआ भाई”ब्रेकिंग“बहन की डोली से पहले उठी भाई की अर्थी… शादी के घर में पसरा मातम”ब्रेकिंगराजस्थान की कॉलेज गर्ल बनी गैंगस्टर की दुल्हन: कौन है दुल्हन ? जानिए क्या है सच्चाईब्रेकिंगमहाकुंभ की मोनालिसा निकली नाबालिग! शादी के बाद हुआ बड़ा खुलासा...ब्रेकिंगफोन पर बात बनी मौत की वजह! दौसा में वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आई टीचर, दिल दहला देने वाला हादसा...ब्रेकिंग“महाकुंभ की वायरल गर्ल निकली नाबालिग! फर्जी जन्म प्रमाण पत्र से रची शादी CMO तक पर गिरी गाज”ब्रेकिंग“वैष्णो देवी यात्रा बनी वरदान! बहन की नजर पड़ी और मिल गया खोया हुआ भाई”ब्रेकिंग“बहन की डोली से पहले उठी भाई की अर्थी… शादी के घर में पसरा मातम”ब्रेकिंगराजस्थान की कॉलेज गर्ल बनी गैंगस्टर की दुल्हन: कौन है दुल्हन ? जानिए क्या है सच्चाई

बिश्नोई इंजीनियर्स का दूसरा सेमिनार

Bishnoi Engineers Team
Bishnoi Engineers Team

जोधपुर। बिश्नोई समाज के इंजीनियरों को एक मंच पर लाने और युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से बिश्नोई इंजीनियर्स का दूसरा सेमिनार आयोजित किया गया। देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में इंजीनियर इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने बताया कि इस पहल की शुरुआत वर्ष 2023 में कुछ बिश्नोई इंजीनियरों के आपसी संवाद से हुई थी। उस समय समाज के इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स को जोड़ने के लिए एक WhatsApp ग्रुप बनाया गया, जिसके माध्यम से धीरे-धीरे इंजीनियरों को जोड़ा गया।

2024 में हुई थी पहली ऑल इंडिया मीट

आयोजकों के अनुसार, वर्ष 2024 में जोधपुर में पहली अखिल भारतीय बिश्नोई इंजीनियर्स मीट आयोजित की गई थी। उस समय लगभग 600 बिश्नोई इंजीनियरों को WhatsApp ग्रुप से जोड़ा गया था। मीट के लिए करीब 250 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि 225 इंजीनियर कार्यक्रम में उपस्थित रहे

इस मीट में भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों में कार्यरत बिश्नोई इंजीनियरों ने भी भाग लिया।

कौन जुड़ सकता है इस मंच से

इस समूह में मुख्य रूप से बीटेक इंजीनियरों को जोड़ा गया है, हालांकि डिप्लोमा के बाद इंजीनियरिंग करने वाले और आईटी सेक्टर में कार्यरत एमसीए प्रोफेशनल्स को भी शामिल किया गया है। आयोजकों के अनुसार लगभग 95 प्रतिशत सदस्य बीटेक ग्रेजुएट हैं।

अब तक 850 से अधिक इंजीनियर जुड़े

आयोजकों ने बताया कि शुरुआत में अपने-अपने कॉलेजों के जूनियर और परिचितों को जोड़ते हुए यह नेटवर्क तेजी से बढ़ा। वर्तमान में लगभग 850 बिश्नोई इंजीनियर इस ग्रुप से जुड़े हुए हैं

डेटाबेस के आधार पर अनुमान है कि बिश्नोई समाज में करीब 5000 इंजीनियरिंग ग्रेजुएट देश और विदेश की विभिन्न मल्टीनेशनल कंपनियों और सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं। आने वाले समय में इन सभी इंजीनियरों को एक मंच पर जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

वेबसाइट के माध्यम से होगा जुड़ाव

पहली मीट के बाद इस पहल को और संगठित बनाने के लिए एक वेबसाइट भी शुरू की गई है, जिसके माध्यम से इंजीनियर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

इस पोर्टल पर सात प्रमुख मॉड्यूल तैयार किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • इंटर्नशिप पोर्टल

  • मेंटोरशिप प्रोग्राम

  • करियर काउंसलिंग

  • वेबिनार

  • स्टार्टअप आइडिया

  • जॉब अवसर

  • पर्यावरण से जुड़े प्रोजेक्ट्स

  • इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से “गिव एंड टेक” मॉडल पर काम किया जाएगा, जहां अनुभवी इंजीनियर अपने ज्ञान और अनुभव से युवाओं की मदद करेंगे।

    समाज और युवाओं के लिए मार्गदर्शन बनेगा मंच

    आयोजकों का कहना है कि आने वाले एक-दो वर्षों में इस पहल के माध्यम से समाज के सामने नई विजनरी योजनाएं और तकनीकी पहल प्रस्तुत की जाएंगी।

    उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में यह मंच एक बड़े राष्ट्रीय सेमिनार का रूप लेगा, जो बिश्नोई समाज के युवाओं के लिए शिक्षा, करियर और तकनीक के क्षेत्र में मार्गदर्शन का बड़ा केंद्र बनेगा।

    इस लेख को शेयर करें

    संबंधित लेख

    सबसे ज्यादा पढ़ा गया