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आज ही शुरू करे इस पेड़ की खेती 3 साल तक होगी करोड़ो की कमाई

आज ही शुरू करे इस पेड़ की खेती 3 साल तक होगी करोड़ो की कमाई
आज ही शुरू करे इस पेड़ की खेती 3 साल तक होगी करोड़ो की कमाई

Jambhsar Media Digital Desk : खेत की मेड पर लगाए ये पेड़ होगी तगड़ी कमाई : अगर आप भी खेती करके पैसा कमाना चाहते है तो आज हम आपको बताने जा रहे है उस खेती के बारे में जिसके जरीए आप कुछ ही साल में करोड़ों का टर्नओवर पक्का कर सकते है।

पेड़ हमारे जीवन का आधार हैं ,प्रकृति का अभिन्न अंग हैं। यह सिर्फ हमें ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि फल, फूल, औषधि से लेकर लकड़ी तक की जरूरतों को पूरा करते हैं। भारत में अभी तक सिर्फ पेड़ हरियाली के लिए लगाए जाते थे, लेकिन अब ये कमाई का साधन बनते जा रहे हैं। अब देश के ज्यादातर इलाकों में किसानों ने पेड़ों की खेती का मॉडल अपना लिया है। खाली पड़े खेतों में सागवान के पेड़ लाकर किसान अपनी भविष्य के लिये जमा पूंजी का इंतजाम कर रहे हैं।

वैसे तो सागवान की खेती के लिए हर तरह की मिट्टी उपयुक्त रहती है, लेकिन 6.50 से 7.50 पीएच मान वाली मिट्टी में सागवान के पौधे काफी अच्छे से पनपते हैं। किसान चाहें तो 1 एकड़ में सागवान के पौधे लगाकर सब्जियों की अंतरवर्तीय खेती भी कर सकते हैं. इससे अतिरिक्त आमदनी का इंतजाम होता रहेगा। कम जमीन वाले किसान भी खेत की बाउंड्री पर भी सागवान के पौधों लगाकर कुछ साल बाद अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। इसकी खेती में काफी धैर्य रखने की जरूरत होती है, इसलिये ज्यादातर किसान फ्यूचर प्लानिंग के नजरिये से सागवान की खेती फायदे का सौदा है।

सागवान के पौधों की रोपाई करने से पहले भी खेतों में अच्छी जुताई लगाकर खरपतवार और कंकड-पत्थर हटा देने चाहिये। इसके बाद निशान बनाकर उचित दूरी पर गड्ढों की खुदाई की जाती है। इन गड्ढों में नीम की खली, जैविक खाद और जैव उर्वरक भी डाल सकते हैं। इसके बाद गड्ढों में सागवान के पौधों की रोपाई के बाद खाद-मिट्टी के मिश्रण से गड्ढे को भर दिया जाता है। अब सिर्फ समय-समय पर पौधों की सिंचाई करते रहना होगा। बेहद कम देखभाल और छोटे खर्च में ही ये पेड़ बनकर तैयार हो जायेंगे।

सागवान से अच्छी कमाई हासिल करने के लिए उन्नत किस्म को पौधों का चयन करना बेहद जरूरी है। हालांकि पैदावार के मामले में यह सभी किस्में सामान्य होती है, पर इन्हे अलग-अलग जलवायु के हिसाब से उगाया जाता है। सागवान की कुछ प्रमुख किस्में :- दक्षिणी और मध्य अमेरिका सागवान, पश्चिमी अफ्रीकी सागवान, अदिलाबाद सागवान, नीलांबर (मालाबार) सागवान, गोदावरी सागवान और कोन्नी सागवान इस प्रकार है। इन सभी किस्मो के पेड़ो की लम्बाई अलग-अलग पाई जाती है।

यह भविष्य की जमा पूंजी की तरह काम करते हैं। सागवान के पौधे की रोपाई करने के 10-12 साल के अंदर पेड़ की लकड़ी तैयार हो जाती है। किसान अपनी सहूलियत के हिसाब से प्रति एकड़ खेत में 400 सागवान के पौधे लगा सकते हैं, जिसमें 40 से 50 हजार तक का खर्च आता है. वहीं 12 साल बाद इसकी लकड़ी 1 करोड़ से 1.5 करोड़ में बिक जाती है। अगर मेड़ों पर भी सागवान के पौधों की रोपाई की जाये तो 12 साल मोटा पैसा मिलता ही है, साथ में सब्जियों की अंतरवर्तीय खेती करके भी बीच-बीच में अतिरिक्त आमदनी ले सकते हैं।

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