अभिनेत्री से नेता बनीं जया प्रदा को एक पुराने एक मामले में चेन्नई की एक अदालत ने छह महीने की जेल की सजा के साथ साथ 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जया प्रदा पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने अपने थिएटर कर्मचारियों को कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) निधि का भुगतान नहीं किया। जया प्रदा तीन दशक तक तेलुगु और बॉलीवुड दोनों फिल्म इंडस्ट्रीज में कार्य करते हुए 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है।
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जया प्रदा के अलावा बिजनेस पार्टनर राम कुमार और जया प्रदा के भाई राजा बाबू को भी दोषी पाया गया। एग्मोर में दूसरी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालत ने उन्हें ईएसआई कॉर्पोरेशन को देय धनराशि के भुगतान के वैधानिक दायित्वों का पालन करने में विफल रहने का दोषी ठहराया। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) ने कहा कि उन्होंने कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के तहत कर्मचारियों की धनराशि ईएसआई को न देकर कानून तोड़ा, जिसके कारण उनके खिलाफ आरोप लगाए गए।
क्या है मामला जिसमें जया प्रदा को हुई सजा
जया प्रदा का एक थिएटर हुआ करता था जो 10 साल से अधिक समय से बंद है। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि हालांकि प्रबंधन ने ईएसआई धनराशि में कटौती की, लेकिन उन्होंने राज्य बीमा निगम को ईएसआई की धनराशि हस्तांतरित ही नहीं की। ईएसआई कॉरपोरेशन ने जया प्रदा और उनके पार्टनर राम कुमार और उनके भाई के खिलाफ नवंबर 1991 से सितंबर 2002 तक 8,17,794 रुपये का भुगतान करने में आनाकानी करने की शिकायत दर्ज की। अदालत ने उन्हें बकाया राशि का भुगतान करने का आदेश दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, लेबर गवर्नमेंट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ने जया प्रदा और उनके सहयोगियों के खिलाफ चेन्नई के एग्मोर मजिस्ट्रेट कोर्ट में मामला दायर किया। यह भी सुझाव दिया गया कि राजनेत्री ने भी आरोपों को स्वीकार कर लिया है और मामले को खारिज करने की मांग करते हुए लंबे बकाया का भुगतान करने का वादा किया है। हालाँकि, अदालत ने उनकी अपील अस्वीकार कर दी और जुर्माना और कारावास लगाया।
जया प्रदा ने हिंदी और तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में करीब 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है। जब वे अपने करियर के चरम पर थी तब फिल्म इंडस्ट्री छोड़ दी और 1994 में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के संस्थापक एन.टी. रामाराव के कहने पर उनकी पार्टी में शामिल हो गईं और राजनीति में कदम रखा। वह पहले राज्यसभा सांसद और फिर लोकसभा सांसद बनीं। और 2019 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं।








