Jambhsar Media Digital Desk : अगर आप भी इनकम टैक्स बचना चाहते हैं और कोई ऐसा प्लान देख रहे हैं जो आपकी इसमें मदद करे तो हम आपको बता दें की टैक्स बचाने के आपके पास सिर्फ 19 दिन ही बचे हैं और आप जल्दी से जल्दी इन स्कीम में इन्वेस्ट करें और ये काम करें जिससे आपको टैक्स में तगड़ा फायदा मिल जायेगा | आइये डिटेल में जानते हैं इनके बारे में
अगर आप भी टैक्स भरते हैं और हर साल महंगा टैक्स भर कर परेशान हो गए हैं और अब टैक्स बचाना चाहते हैं तो आपके पास ऐसा करने के कुछ ही दिन बाकी बचे हैं | करेंट फाइनेंशियल ईयर यानी FY2023-24 खत्म होने के करीब है. इसलिए इस साल अपनी इनकम पर टैक्स बचाने का ये आखिरी मौका है. 31 मार्च के बाद टैक्सपेयर अपनी कमाई पर टैक्स कम करने के अलग-अलग टैक्स सेविंग ऑप्शंस का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. तो इससे बेहतर है कि 31 मार्च से पहले टैक्स बचाने से जुड़ी अहम चीजों के बारे में जान लें ताकि ये मौका हाथ से और टैक्स के रूप में पैसा जेब से न निकले.
अगर आप भी टैक्स भरते हैं और हर साल महंगा टैक्स भर कर परेशान हो गए हैं और अब टैक्स बचाना चाहते हैं तो आपके पास ऐसा करने के कुछ ही दिन बाकी बचे हैं | करेंट फाइनेंशियल ईयर यानी FY2023-24 खत्म होने के करीब है. इसलिए इस साल अपनी इनकम पर टैक्स बचाने का ये आखिरी मौका है. 31 मार्च के बाद टैक्सपेयर अपनी कमाई पर टैक्स कम करने के अलग-अलग टैक्स सेविंग ऑप्शंस का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. तो इससे बेहतर है कि 31 मार्च से पहले टैक्स बचाने से जुड़ी अहम चीजों के बारे में जान लें ताकि ये मौका हाथ से और टैक्स के रूप में पैसा जेब से न निकले.
अस्पताल के बढ़ते खर्च को देखते हुए हेल्थ इंश्योरेंस हर व्यक्ति के लिए जरूरी है. हेल्थ इंश्योरेंस न सिर्फ अस्पताल के खर्च कवर करता है बल्कि टैक्स बचाने में भी मदद करता है. IT एक्ट के सेक्शन 80D के तहत खुद, पत्नी और बच्चे के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेते हैं तो प्रीमियम पर 25,000 रुपये तक का डिडक्शन मिलता है. सीनियर सिटीजन माता-पिता के लिए पॉलिसी लेने पर 50 हजार रुपये तक का डिडक्शन है.
समाज की भलाई के लिए दान देकर भी आप टैक्स बचा सकते हैं. इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80G के तहत, रिलीफ फंड्स और चैरिटेबल ऑर्गेनाइजेशन को डोनेशन यानी चंदा देने पर टैक्स में छूट मिलती है. चैरिटेबल ऑर्गेनाइजेशन के आधार पर दान की रकम पर 50 फीसदी या 100 फीसदी डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है. किसी दिक्कत से बचने के लिए कैश के बजाए दान की रकम चेक, डीडी या ऑनलाइन ट्रांसफर करें.
टैक्स बचाने का पांचवां रास्ता किराए का मकान है. रेंट पर रहने वाले सैलरीड कर्मचारी हाउस रेंट अलाउंस यानी HRA पर टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं. इसके लिए जरूरी है कि नियोक्ता यानी कंपनी से HRA मिलता हो और जिस घर में रह रहे हैं वो किराए का हो.








