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RBI इन नोट और सिक्को की नही करता छपाई, जाने किसके पास हैं इन्हें छापने का अधिकार

RBI इन नोट और सिक्को की नही करता छपाई, जाने किसके पास हैं इन्हें छापने का अधिकार
RBI इन नोट और सिक्को की नही करता छपाई, जाने किसके पास हैं इन्हें छापने का अधिकार

Jambhsar Media News Digital Desk नई दिल्‍ली: इंडियन करेंसी (India Currency) को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल आ रहे हैं। कि आखिर भारत में नोट छापने का क्या प्रोसेस है। और देश में एक साल में कितने नोट छापे जाते हैं। वहीं, एक ओर लोगों का ये सवाल भी होता है कि नोट छापने का फैसला कौन लेता है। हालांकि, भारत सरकार यह फैसला वरिष्ठ अर्थशास्त्रियों से चर्चा करके ही लेती है। नोट छापने के लिए मंजूरी लेने का प्रोसेस दो स्टेज में पूरा किया जाता है। पहले स्टेज में RBI केंद्र सरकार को नोट छापने के लिए एक अर्जी भेजती है। इसके बाद सरकार की तरफ से आरबीआई के ही वरिष्ठ अर्थशास्त्रियों के एक बोर्ड से इस बारे में विचार विमर्श किया जाता है। इसके बाद आरबीआई (RBI) को नोट छापने की मंजूरी दे दी जाती है। आइए नीचे खबर में जानते हैं डिटेल से….

केंद्र सरकार द्वारा प्राप्त सभी बैंक नोट को जारी करने का एकल अधिकार अधिनियम की धारा 22 के अनुसार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India -RBI) के पास है। अपने इस अधिकार के तहत आरबीआई 2, 5, 10, 20, 50, 100, 200 और 500 तक के नोट छापता है। लेकिन ₹1 के नोट या सिक्‍के को छापने का अधिकार रिजर्व बैंक के पास नहीं होता है। इसे वित्‍त मंत्रालय जारी करता है। यहां जानिए इसकी क्‍या वजह है?

दरअसल आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 24 के अनुसार आरबीआई को 2, 5, 10, 20, 50, 100, 200, 500 और 2000, 5000, 10000 या इससे भी ज्‍यादा कीमत के नोट जारी करने का अधिकार प्राप्‍त है। लेकिन इसमें एक रुपए या नोट का जिक्र नहीं किया गया है। इस नोट को छापने का अधिकार कॉइनेज एक्‍ट के तहत भारत सरकार को दिया गया है।

एक का नोट या सिक्‍का बेशक वित्‍त मंत्रालय छापता है, लेकिन इसका बाजार में सर्कुलेशन आरबीआई के तहत ही आता है। एक रुपए के नोट या सिक्‍के पर ‘ मैं धारक को।।।अदा करने का वचन देता हूं’ नहीं लिखा जाता है और न ही एक रुपए के नोट पर सिल्‍वर लाइन होती है। ज‍बकि अन्‍य सभी नोटों पर सिल्‍वर लाइन होती है।  इस एक्ट में हालांकि वक्त-वक्त पर कई बदलाव होते रहे हैं। एक रुपए के नोट और सिक्‍के पर आरबीआई के गर्वनर की जगह वित्‍त सचिव के सिग्‍नेचर होते हैं। 

1 रुपए के नोट की छपाई पर दो बार रोक भी लग चुकी है, इसके बावजूद इन नोटों की वैधता कभी खत्‍म नहीं हुई। पहली बार साल 1926 में इसकी छपाई पर रोक लगाई गई थी। लेकिन 1940 में नोट दोबारा से छपने लगे। इसके बाद 1994 में एक बार फिर से इन्‍हें बंद कर दिया गया। लेकिन 2015 से नोटों की छपाई का काम फिर से शुरु हो गया। आज भी एक का नोट सिक्‍कों की बजाय कम चलन में है, लेकिन इसका वैधता समाप्‍त नहीं हुई है।

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