Jambhsar Media News Digital Desk नई दिल्ली: जोधपुर में वरहा इंफ्रा ग्रुप पर टैक्स चोरी के मामले में आयकर की इन्वेस्टिगेशन विंग की छापे की कार्रवाई जारी है. वरहा ग्रुप से जुड़े 11 ठिकानों पर आयकर अधिकारी जांच कर रहे हैं. जोधपुर में 9 और दिल्ली में दो ठिकानों पर आयकर विभाग की टीमें छापे की कार्रवाई में जुटी हुई है. छापों के दौरान मिले दस्तावेजों की आयकर विभाग की ओर से की गई प्रारंभिक जांच में भारी वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है. वहीं ठिकानों से 54 लाख रुपये की नकदी और भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा भी बरामद हुई है.
आईटी विभाग के सूत्रों के मुताबिक वरहा ग्रुप ऑफ कंपनीज की ओर से मैसर्स एसआरईआई इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड से भारी भरकम ऋण लेना दर्शाया गया है. ग्रुप संचालकों की ओर से मैसर्स एसआरईआई इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड से लिया गया यह ऋण आगे मैसर्स अलंकृत रोड डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड को भेजा जाता है. वरहा ग्रुप के साथ साथ मैसर्स एसआरईआई इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड और मैसर्स अलंकृत रोड डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा हजारों करोड़ रुपये के लेन-देन में भारी अनियमितताएं की गई हैं.
आयकर विभाग के छापों में शैल कंपनियों के जरिए ब्लैक मनी को व्हाइट में बदलने के काले कारोबार का भी खुलासा हुआ है. वरहा ग्रुप द्वारा करोडों रुपये ब्याज पर देने के दस्तावेज भी आयकर विभाग के हाथ लगे हैं. आयकर विभाग की छापे की कार्रवाई में वरहा ग्रुप के मालिक मुफत सिंह राव और उनसे जुड़े ठिकानों पर अवैध तरीके से रखी गई विदेशी मुद्रा भी जब्त की गई है. जब्त की गई विदेशी मुद्रा की कीमत 12 लाख रुपये आंकी गई है. ग्रुप संचालकों से जुड़े ठिकानों पर मारे गए छापों में 54 लाख रुपये की नकदी भी सामने आई है.
आयकर विभाग ने वरहा ग्रुप से जुड़े पांच लॉकरों को सीज किया है. उनको खोलने पर और भी नए खुलासे सामने आ सकते हैं. आयकर विभाग की टीमों ने भारी भरकम दस्तावेज जब्त किए हैं. इनमें ग्रुप संचालकों के मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर हाईवे टोल प्लाजा और गुजरात में कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान सामने आए हैं. आयकर विभाग के अधिकारियों ने दस्तावेजों को जब्त कर उनकी जांच शुरू कर दी है.
वरहा ग्रुप के मालिक मुफत सिंह राव के साथ साथ प्रेम सिंह राव, जगदेव सिंह राव, विकास पालीवाल और शीतल जैन निदेशक के पदों पर रहे हैं. आयकर विभाग की ओर से वरहा ग्रुप में वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में सभी ग्रुप निदेशकों से गहनता से पूछताछ की जा सकती है.








