ब्रेकिंगमहाकुंभ की मोनालिसा निकली नाबालिग! शादी के बाद हुआ बड़ा खुलासा...ब्रेकिंगफोन पर बात बनी मौत की वजह! दौसा में वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आई टीचर, दिल दहला देने वाला हादसा...ब्रेकिंग“महाकुंभ की वायरल गर्ल निकली नाबालिग! फर्जी जन्म प्रमाण पत्र से रची शादी CMO तक पर गिरी गाज”ब्रेकिंग“वैष्णो देवी यात्रा बनी वरदान! बहन की नजर पड़ी और मिल गया खोया हुआ भाई”ब्रेकिंगराजस्थान की कॉलेज गर्ल बनी गैंगस्टर की दुल्हन: कौन है दुल्हन ? जानिए क्या है सच्चाईब्रेकिंग“बहन की डोली से पहले उठी भाई की अर्थी… शादी के घर में पसरा मातम”ब्रेकिंगमहाकुंभ की मोनालिसा निकली नाबालिग! शादी के बाद हुआ बड़ा खुलासा...ब्रेकिंगफोन पर बात बनी मौत की वजह! दौसा में वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आई टीचर, दिल दहला देने वाला हादसा...ब्रेकिंग“महाकुंभ की वायरल गर्ल निकली नाबालिग! फर्जी जन्म प्रमाण पत्र से रची शादी CMO तक पर गिरी गाज”ब्रेकिंग“वैष्णो देवी यात्रा बनी वरदान! बहन की नजर पड़ी और मिल गया खोया हुआ भाई”ब्रेकिंगराजस्थान की कॉलेज गर्ल बनी गैंगस्टर की दुल्हन: कौन है दुल्हन ? जानिए क्या है सच्चाईब्रेकिंग“बहन की डोली से पहले उठी भाई की अर्थी… शादी के घर में पसरा मातम”

Jeera Prices: मिडिल क्लास की हुई मौज, जीरा की कीमत में बम्पर गिरावट

Jeera Prices: मिडिल क्लास की हुई मौज, जीरा की कीमत में बम्पर गिरावट
Jeera Prices: मिडिल क्लास की हुई मौज, जीरा की कीमत में बम्पर गिरावट

Jambhsar Media, New Delhi: पेट्रोल-डीजल की दरों में कर्मी किए जाने के बाद अब खाद्य सामग्री की कीमतों में भी कटौती देखी जा रही है.लगभग एक माह पूर्व 750 रुपए प्रति किलो तक पहुंचने वाले जीरे के भाव एक बार फिर से औंधे मुंह गिर गए हैं। वर्तमान में जीरा 450 रुपए प्रति किलो की दर से बिक रहा है। ऐसे में भाव कम होने से आमजन को राहत मिली है।

गौरतलब है कि करीब छह माह पूर्व तक जीरा के खुदरा भाव सात सौ से आठ सौ रुपए तक पहुंच गए थे। वहीं खुले में यानी सौ ग्राम का पैकैट लेने पर जीरा 90 से सौ रुपए में मिल रहा था। अब सौ ग्राम जीरे के पैकेट का भाव 50 रुपए ही रह गया है।

सबसे ज्यादा यहां होता है जीरा
जैसलमेर, बाड़मेर, जालोर और जोधपुर में सबसे ज्यादा जीरे का उत्पादन होता है। एक अनुमान के मुताबिक यहां सालाना करीब 5445 हजार करोड़ रुपए का जीरे से संबंधित कारोबार होता है। राजस्थान की सबसे बड़ी जीरे की मंडी भी जोधपुर में है।

इसके अलावा आधे से ज्यादा किसान जीरे की फसल बेचने गुजरात के ऊंझा में जाते हैं। ऊंझा को इस क्षेत्र की सबसे बड़ी मंडी माना जाता है। जालौर का जीरा तो अमरीका सहित विश्व के कई देशों में जाता है। कृषि विभाग के अनुसार राज्य में करीब पांच से छह लाख हैक्टेयर में जीरा बोया जाता है।

इसलिए आया था कीमतों में उछाल
व्यापारियों ने बताया कि पूर्व में उत्पादन कम होने और बड़े व्यापारियों द्वारा जीरे का स्टॉक कर लेने के कारण बाजार में जीरे की आवक मांग की अपेक्षा कम हो रही थी। मांग अधिक होने और आपूर्ति कम होने के कारण जीरे की कीमतों में अचानक उछाल आ गया था।

इनका कहना है
पूर्व में उत्पादन कम होने और मांग अधिक होने के कारण जीरे के भावों में इजाफा हो गया था। लेकिन अब नई फसल आई है और इस बार उत्पादन पहले की तुलना में अधिक हुआ है। ऐसे में अब जीरे के भावों में गिरावट आई है।

इस लेख को शेयर करें

संबंधित लेख

सबसे ज्यादा पढ़ा गया