देश में दो तरहे का मौसम दिखाई दे रहा हैं। दक्षिण भारत में भारी बारिश हो रही है, जबकि उत्तर भारत के अधिकतर राज्य गर्मी से बेहाल हैं। मौसम विभाग का कहना है कि राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, मध्य प्रदेश और गुजरात में 25 से 26 मई तक भारी लू चलने की आसार है । वहीं, तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश की संभावना है।
आईएमडी ने केरल के पथानामथिट्टा और इडुक्की में 22 से 23 मई को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. ओर दूसरी तरफ राजधानी तिरुवनंतपुरम सहित आठ अन्य जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी है. एसे मे केरल राज्य के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा की लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. पोथेनकोड में अत्यधिक तेज बारिश की वजहे से 66 वर्षीय बुडी महिला की घर की दीवार गिरने से मौत हो गई.
दिल्ली जानिए आज का मॉसम
दिल्ली में 25 मई तक भयंकर लू का दौर जारी रहेने वाला है एसा मॉसम विभाग का कहेना है . इस दौरान तेज गर्म हवाएं चलेंगी और दिन का पारा 46 से 47 डिग्री तक भी पहुंचने की संभाना है. IMD के अनुसार , आने वाले पूरे 7 दिनों मे दिल्ली का अधिकतम तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा . वहीं, दूसरी ओर न्यूनतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उमीद है.
जाने आज का मॉसम का देस मे हाल
दक्षिणी तमिलनाडु और केरल में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के अनुसार। वहीं, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, लक्षद्वीप और अंडमान निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है।
जाने आपके शहर का मौसम, यहां जानिए
इसके अलावा, उत्तर पूर्व भारत, लक्षद्वीप उत्तराखंड और सिक्किम में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हल्की बारिश पश्चिमी हिमालय, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और दक्षिणी मध्य प्रदेश में हो सकती है। वहीं दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी लू हो सकती है।
दक्षिणी तमिलनाडु में औसत समुद्र तल से 5.8 तक परिसंचरण है, मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के अनुसार। यही कारण है कि उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र है।
इसके अलावा इस चक्रवाती परिसंचरण से पूर्वी उत्तर प्रदेश, दक्षिण बिहार और झारखंड होते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है. एक ट्रफ रेखा मध्य महाराष्ट्र से कर्नाटक तट तक फैली हुई है.








