राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर बॉर्डर इलाके से लगातार तीसरे दिन नशीले पदार्थ की बड़ी खेप मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। सीमा के पास सर्च ऑपरेशन के दौरान दो संदिग्ध पैकेट बरामद किए गए, जिनमें हेरोइन पाई गई है।
कितनी मात्रा और क्या है कीमत?
बरामद हेरोइन का वजन करीब 1.5 किलो बताया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये आंकी गई है। लगातार हो रही बरामदगी से यह साफ है कि यह कोई छोटा नेटवर्क नहीं, बल्कि संगठित तस्करी का हिस्सा हो सकता है।
कौन-कौन सी एजेंसियां कर रही हैं कार्रवाई?
इस पूरे ऑपरेशन में Border Security Force (BSF), सीआईडी और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रही हैं। तीनों एजेंसियां मिलकर बॉर्डर इलाके में सघन तलाशी अभियान चला रही हैं।
कैसे हो रही है तस्करी?
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि सीमा पार से ड्रोन या अन्य आधुनिक तकनीकों के जरिए नशीले पदार्थ भारत में भेजे जा रहे हैं। तस्कर लगातार अपने तरीके बदल रहे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बढ़ गई है।
लगातार तीसरे दिन बरामदगी से बढ़ी चिंता
तीन दिनों में लगातार हेरोइन मिलना इस बात का संकेत है कि बॉर्डर के इस इलाके में तस्करी का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। एजेंसियों को आशंका है कि आसपास और भी जगहों पर नशे की खेप छिपाई गई हो सकती है।
सर्च ऑपरेशन जारी, हाई अलर्ट पर सुरक्षा
फिलहाल पूरे बॉर्डर क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन, सर्विलांस और गश्त बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी हुई हैं।
क्या हो सकते हैं आगे के खुलासे?
अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। तस्करी के पीछे शामिल लोगों और नेटवर्क की पहचान करने के लिए जांच तेज कर दी गई है।
श्रीकरणपुर बॉर्डर पर लगातार मिल रही हेरोइन की खेप ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। यह मामला सिर्फ एक बरामदगी नहीं, बल्कि सीमा पार से चल रहे बड़े ड्रग नेटवर्क की ओर इशारा करता है, जिसे खत्म करना अब एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।








