Jambhsar Media News Digital Desk नई दिल्ली: रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने राजस्थान के 82 रेलवे स्टेशनों को वर्ल्ड क्लास (World Class Railway Stations) बनाने का वादा किया है. उन्होंने कहा है कि आने वाले दिनों में यहां पर रेलवे में बड़ा बदलाव हो जाएगा. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इसके पीछे की बड़ी कहानी क्या है? आखिर केवल उन्होंने 82 स्टेशनों को क्यों चुना है? जबकि राजस्थान में रेलवे स्टेशनों की संख्या 886 के आसपास है लेकिन 82 स्टेशन के चुनाव पर सवाल होने लगा है. लोग जानना चाहते हैं आखिर इसके पीछे की कहानी क्या है? क्या यह अमृत भारत योजना (Amrit Bharat Scheme) के तहत किया जा रहा है?
बता दें कि पिछले दिनों जयपुर में रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि राजस्थान में अब 82 रेलवे स्टेशनों को वर्ल्ड क्लास स्टेशन के तौर पर विकसित किया जाएगा. जैसे आबूरोड, अजमेर, अलवर ,आसलपुर ,जोबनेर, बालोतरा ,बांदीकुई, बारां, बाड़मेर, ब्यावर, भरतपुर, भवानीमंडी, भीलवाड़ा, विजयनगर, बीकानेर, बूंदी, चंदेरिया, छबड़ा, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, चूरू, रतानिया कला, देशनोक, डेगाना, डीडवाना, फालना, फतहनगर, गांधीनगर जयपुर, फतेहपुर शेखावाटी और गंगापुर सिटी स्टेशनों को वर्ल्ड क्लास में बदला जाएगा. इसके बाद से यहां पर चर्चा तेज हो गई है.
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण का कहना है कि अमृत भारत परिकल्पना के तहत राजस्थान के जिन 82 रेलवे स्टेशनों के अपग्रेड करने की बात हो रही है उसमें दो तरीके से काम हो रहा है. प्रदेश के वो प्रमुख स्टेशन जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर और जैसलमेर की बिल्डिंग और पूरा चेंज होगा. वर्ल्ड क्लास के स्टेशन बनाए जाएंगे. सारी सुविधा दी जाएगी. बड़े कैफेटेरिया की व्यवस्था की जाएगी. वहां पर आने वाले यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की फीलिंग भी आएगी.
उन्होंने कहा कि स्टेशन की बिल्डिंग को दो से तीन मंजिला किया जाएगा. दूसरे फेज में सी ग्रेड और बी ग्रेड के स्टेशन को भी बेहतर किया जाएगा. राजस्थान में कुल 586 रेलवे स्टेशन है. स्टेशन को बनने में उसके हिसाब से समय लगेगा. जैसे जयपुर को भी बनने में कम से कम 3 साल का समय लग जाएगा. क्योंकि 300 से लेकर 400 करोड़ तक खर्च हो रहा है. इन स्टेशनों पर काम शुरू हो गया है.








