जयपुर। नवरात्रि के दौरान जहां एक ओर देशभर में नारी शक्ति की पूजा की जा रही है, वहीं दूसरी ओर राजधानी जयपुर में अवैध रूप से भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। राज्य की पीसीपीएनडीटी टीम ने सुनियोजित डिकॉय ऑपरेशन के जरिए इस पूरे नेटवर्क को उजागर किया है।
सूचना के आधार पर बनाई गई रणनीति
स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि जयपुर और आसपास के इलाकों में कुछ लोग पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन के जरिए गैरकानूनी रूप से भ्रूण लिंग जांच कर रहे हैं। इस सूचना की पुष्टि के बाद अधिकारियों ने एक विशेष टीम गठित कर गुप्त योजना बनाई।
डिकॉय ऑपरेशन से खुला राज
टीम ने एक गर्भवती महिला को डिकॉय के रूप में इस्तेमाल करते हुए आरोपियों से संपर्क कराया। आरोपियों ने महिला को सांगानेर क्षेत्र में बुलाकर मोटी रकम की मांग की। सौदा तय होने के बाद महिला को अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया, जहां अंततः एक फ्लैट में पोर्टेबल मशीन से सोनोग्राफी कर भ्रूण का लिंग बताया गया।
80 हजार रुपए में होता था अवैध परीक्षण
जांच में सामने आया कि गिरोह इस गैरकानूनी काम के लिए करीब 80 हजार रुपए तक वसूलता था। आरोपी महिलाओं को अलग-अलग जगहों पर ले जाकर जांच करते थे, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके।
तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
जैसे ही डिकॉय महिला ने टीम को सूचना दी, अधिकारियों ने मौके पर दबिश देकर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें एक डॉक्टर, एक महिला सहयोगी और मुख्य संचालक शामिल हैं। वहीं इस नेटवर्क से जुड़ा एक अन्य आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
बिना डिग्री के चल रहा था अवैध धंधा
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है, लेकिन वह पोर्टेबल मशीन के जरिए लंबे समय से यह अवैध काम कर रहा था। उसके साथ जुड़ी महिला भी कम शिक्षित होने के बावजूद इस नेटवर्क में सक्रिय थी और महिलाओं को जांच के लिए लाने का काम करती थी। गिरफ्तार डॉक्टर की डिग्री की भी जांच की जा रही है।
गंभीर सामाजिक अपराध
भ्रूण लिंग परीक्षण भारत में कानूनन प्रतिबंधित है और इसे गंभीर अपराध माना जाता है। इस तरह की गतिविधियां न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि समाज में लिंगानुपात को भी प्रभावित करती हैं।
जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद
फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है। संभावना है कि इस गिरोह से जुड़े और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।








