स्वीडन (Sweden) में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसमें 57 वर्षीय नॉर्वेजियन (Norwegian) व्यक्ति ने पत्नी की पेंशन प्राप्त करने के लिए अपनी मृत पत्नी के शरीर को लगभग पांच साल तक फ्रीजर में रखा। इस परेशान करने वाले मामले में व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई और बाद में सोमवार को स्वीडिश अदालत ने उसे 3.5 साल जेल की सजा सुनाई। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, उस पर धोखाधड़ी और रिकॉर्ड में हेराफेरी करने के आरोप लगे।
आरोपी के वकील के मुताबिक, दंपति ने सार्वजनिक कब्रिस्तान में नहीं बल्कि अपने खेत में दफनाने की इच्छा जताई थी। इसलिए, उसने शुरू में उसे अपनी संपत्ति पर दफनाने के इरादे से फ्रीजर में रखा, लेकिन यह योजना कभी पूरी नहीं हुई।
57 वर्षीय आरोपी ने कथित तौर पर यह दावा करके अपने दोस्तों और परिवार को धोखा दिया कि उसकी 60 वर्षीय पत्नी, जो 2018 में कैंसर से मर गई थी, अभी भी जीवित है। उसके परिवार ने उससे संपर्क टूटने के बाद उसके लापता होने की सूचना दी, क्योंकि आरोपी ने उन्हें लगातार सूचित किया कि वह अनुपलब्ध है या सो रही है और बाद में कहा कि वह उनके साथ बात नहीं करना चाहती थी।
पुलिस को एक गुप्त सूचना के बाद इसी साल मार्च में महिला का शव मिला था। आरोपी ने उसकी मौत को छुपाने और उसके शव को रखने की बात स्वीकार की और बताया कि उसने अपने घर में उसे मृत अवस्था में पाकर उसे फ्रीजर में रख दिया था। गौरतलब है कि यह जोड़ा स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम से लगभग 340 किलोमीटर पश्चिम में स्थित अर्जांग (Årjäng) में रहता था।
स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों से पता चलता है कि आरोपी ने अपनी पत्नी के शव को उसी फ्रीजर में रखा था, जिसका इस्तेमाल वह खाना रखने के लिए करता था। इस दौरान, उन्हें उनकी पेंशन और कर छूट मिलती रही, जो कुल मिलाकर 1.2 मिलियन नॉर्वेजियन क्रोनर ($116,000) से अधिक थी।
अभियोजक लिंडा कार्लसन (Linda Carlson) ने इस बात पर प्रकाश डाला कि व्यक्ति द्वारा विभिन्न प्रयोजनों के लिए फ्रीजर का उपयोग करना मृत व्यक्ति की कब्र की पवित्रता का उल्लंघन है, हर बार जब वह फ्रीजर खोलता और बंद करता था, जिसे एक गंभीर परिस्थिति माना जाता था। नतीजतन, उस व्यक्ति को नागरिक स्वतंत्रता का घोर उल्लंघन, घोर धोखाधड़ी, शव को क्षत-विक्षत करना और दस्तावेजों में हेराफेरी समेत अन्य आरोपों में दोषी ठहराया गया।








