Jambhsar Media News Digital Desk नई दिल्ली : 1 रुपये नोट और उसके सिक्के (One Rupee Coin) की छपाई का काम वित्त मंत्रालय ही देख रहा है. चूंकि, यह वित्त मंत्रालय के अधीन आता है लिहाजा इसकी देखरेख का जिम्मा वित्त सचिव के पास है और उन्हीं की निगरानी में 1 रुपये के नोट और सिक्के की छपाई होती है.आइए जानते है इसके बारे में विस्तार से.
बैंक और करेंसी से जुड़ा सारा काम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ही करता है. आरबीआई करेंसी जारी करता है और उसका विनिमय करता है. आप जानते ही होंगे कि इन नोटों पर आरबीआई के गवर्नर का हस्ताक्षर होता है. हालांकि पूरी भारतीय करेंसी में 1 रुपये का नोट सबसे छोटा है, लेकिन इस पर आरबीआई गवर्नर के हस्ताक्षर नहीं होते हैं.
दरअसल, एक रुपये के नोट को आरबीआई जारी नहीं करता है. इसे भारत सरकार जारी करती है. यही वजह है कि एक रुपये के नोट पर आरबीआई के गवर्नर का हस्ताक्षर नहीं होता. एक रुपये के नोट पर वित्त सचिव का हस्ताक्षर होता है. 1 रुपये नोट और उसके सिक्के (One Rupee Coin) की छपाई का काम वित्त मंत्रालय ही देख रहा है. चूंकि, यह वित्त मंत्रालय के अधीन आता है लिहाजा इसकी देखरेख का जिम्मा वित्त सचिव के पास है और उन्हीं की निगरानी में 1 रुपये के नोट और सिक्के की छपाई होती है.
बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना भारतीय रिजर्व बैंक एक्ट, 1934 के प्रोविजन के मुताबिक, 1 अप्रैल, 1935 को हुई. रिजर्व बैंक का सेंट्रल ऑफिस प्रारंभ में कोलकाता में स्थापित किया गया था, जिसे 1937 में स्थायी रूप से मुंबई में ट्रांसफर किया गया.
आरबीआई की वेबसाइट के मुताबिक, भारतीय करेंसी का नाम भारतीय रुपया (INR) है. भारतीय रुपये का प्रतीक “₹” है. यह डिजाइन देवनागरी अक्षर “₹” (र) और लैटिन के बड़े “आर/R” अक्षर के समान है जिसमें टॉप पर दोहरी क्षैतिज रेखा है.








