अधिकतर लोग अपनी तत्काल की पैसों की जरूरत को पर्सनल लोन से ही पूरा करने को सोचते है। क्योंकि यह लोन बिना किसी गारंटी के और जल्दी मिल जाने वाला लोन है। ऐसे में अगर आप भी अपनी किसी ज़रूरत के लिए पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करने का सोच रहे हैं तो ऐसा करने से पहले आपको कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है ताकि आगे चलकर आपको किसी बड़ी समस्या का सामना न करना पड़े।
पर्सनल लोन (Personal Loan) एक लंबी अवधि का लोन होता है। यह एक अनसिक्योर्ड लोन होता है जिसको लेने के लिए आपको किसी भी चीज को गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती. साथ ही ये लोन आपको बहुत आसानी से मिल जाता है और बहुत ज्यादा फॉर्मेलिटी की भी जरूरत नहीं पड़ती. यही वजह है कि ब्याज दरें ज्यादा होने के बावजूद लोग जरूरत के समय में पर्सनल लोन का विकल्प चुन लेते हैं. लेकिन लोन लेने के बाद उसे चुकाना एक बड़ी जिम्मेदारी होती है.
इसलिए अक्सर पर्सनल लोन (Personal Loan) लेने के बाद जब ज्यादा ब्याज दरों के साथ उसकी ईएमआई चुकानी पड़ती है, तब लोग परेशान होते हैं. इसलिए लोन के लिए अप्लाई करने से पहले ही आपको 5 बातों को दिमाग में बैठा लेना (Personal Loan Tips) चाहिए ताकि लोन लेने के बाद पछतावे की कोई गुंजाइश न रहे.
लोन लेते समय सबसे पहले तो सभी बैंको की ब्याज दरों की तुलना (Comparison of interest rates of banks) करना जरूरी है। पर्सनल लोन का ब्याज 11 प्रतिशत से लेकर 24 प्रतिशत तक हो सकता है. इसलिए लोन लेने से पहले आप कई बैंकों में विजिट करें. ताकि बैंकों की ब्याज दरों की तुलना कर सकें. जहां ब्याज कम हो, वहां से लोन लें. इससे आपकी ईएमआई (EMI) कम हो जाएगी. ध्यान रखिए ब्याज जितना ज्यादा होगा, ईएमआई उतनी ही बड़ी होगी.
जब भी आप पर्सनल लोन लेने के लिए जाते है तो उस समय आपके क्रेडिट स्कोर (Cibil Score) को भी देखा जाता है, इसलिए यदि आप लोन के लिए अप्लाई करने जा रहे हैं, तो अपना क्रेडिट स्कोर बेहतर रखें. अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा नहीं है तो आपको लोन महंगी ब्याज दरों पर मिलेगा. इसके अलावा पर्सनल लोन की कुछ शर्तें होती हैं जैसे आपकी मंथली इनकम कम से कम 15,000 होनी चाहिए. मौजूदा नौकरी का अनुभव एक साल इससे ज्यादा होना चाहिए…..
आपके फायदे के लिए बता दें कि पर्सनल लोन लेते समय सबसे ज्यादा ध्यान आप अपने लोन अमाउंट (Loan amount) का रखें. आजकल बैंकों के लोन कैलकुलेटर नेट पर मौजूद हैं, आप उनके जरिए ये आइडिया ले सकते हैं कि कितने अमाउंट पर ईएमआई कितनी बनेगी. जितनी ईएमआई आप आसानी से चुका सकें, उस हिसाब से लोन का अमाउंट डिसाइड करें.
बता दें कि पर्सनल लोन (Personal Loan Tenure) को चुकाने के लिए अधिकतम पांच साल तक दिए जाते हैं. कई बार ऐसा होता है कि लोग ईएमआई छोटी करने के चक्कर में लोन की अवधि बड़ी कर लेते हैं. इससे आपका ही नुकसान होता है. आपकी ईएमआई जरूर छोटी होती है, लेकिन आपको ब्याज बहुत ज्यादा चुकाना होता है. इसलिए कोशिश करें कि लोन चुकाने की अवधि ज्यादा लंबी न हो.
अगर आपने लोन ले रखा है तो आपको उसकी किस्त (Loan EMI) को निर्धारित समय पर चुकाने का ध्यान रखें. ऐसा न करने पर आपका सिबिल स्कोर खराब होगा, साथ ही भविष्य में लोन लेने की क्षमता भी प्रभावित होगी.








