Jambhsar Media, New Delhi : केन्द्र और राज्य सरकार ने दो दिन पहले पेट्रोल-डीजल की कीमतों से बढ़ी महंगाई से आमजन को राहत देने के लिए कीमतों और वैट की दरों में कमी की थी। इसके बाद सरकार ने दावा किया था किया था कि वैट की दरों में कमी के बाद राज्य के सभी जिलों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें समान होंगी।
केन्द्र और राज्य सरकार ने दो दिन पहले पेट्रोल-डीजल की कीमतों से बढ़ी महंगाई से आमजन को राहत देने के लिए कीमतों और वैट की दरों में कमी की थी। इसके बाद सरकार ने दावा किया था किया था कि वैट की दरों में कमी के बाद राज्य के सभी जिलों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें समान होंगी। लेकिन राज्य के जिलों में ही पेट्रोल-डीजल की दरों में असमानता सामने आ रही है। इस समय भरतपुर में सबसे सस्ता पेट्रोल-डीजल मिल रहा हे वहीं सबसे महंगा जैसलमेर,सिरोही और जालोर में मिल रहा है।
राज्य में ही 2 रुपए तक का अंतर
सरकार ने जब पेट्रोल-डीजल पर वेट कम किया तो बयान जारी किया कि अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें समान होंगी। लेकिन जिलेवार आकलन में तस्वीर साफ हुई तो कीमतों में 2 रुपए का अंतर साफ नजर आया। पेट्रोलियम; डीलरों का कहना है कि राज्य में वैट की दरें अब भी राज्य के आस-पास के सात राज्यों से ज्यादा हैं।
जयपुर में भी पेट्रोल-डीजल महंगा
भरतपुर और जयपुर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों की तुलना करें तो जयपुर में पेट्रोल-डीजल महंगा बिक रहा है। भरतपुर के मुकाबले जयपुर में पेट्रोल और डीजल लगभग 50 पैसे महंगे हैं। ऐसे ही अन्य जिलों में कीमतों का अंतर साफ दिख रहा है। डीलर्स का कहना है कि वैट के साथ ही दूरी के कारण महंगा परिवहन भाड़ा भी कीमतों को बढ़ा रहा है।
ज्यादा वैट और दूरी
सबसे सस्ता
जिला- पेट्रोल -डीजल
भरतपुर – 104.37 – 89.87
सबसे महंगा
जैसलमेर – 106.37 – 91.70
सिरोही -106.37 – 91.70
जालोर -106.16 – 91.52
सरकार पेट्रोल-डीजल पर वैट और परिवहन की दरों का एक बार फिर आकलन करे। जिससे पूरे राज्य में एक समान कीमत पर आमजन को सस्ता पेट्रोल-डीजल मिले।
राजेन्द्र सिंह भाटी, अध्यक्ष-राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन
पूरी जानकारी आएगी तब ही कुछ पता चलेगा
कुछ पेट्रोलियम डीलर्स भी कह रहे हैं कि सरकार ने कहा था कि वैट कम करने पर पूरे राज्य में पेट्रोल- डीजल की कीमतें एक समान होंगी। वैट कम करने की गणना में परिवहन खर्च भी शामिल है फिर भी कीमतों में अंतर कैसे आ रहा है, यह समझ से परे है। हालांकि डीलर सीधे कुछ नहीं बोल रहे हैं लेकिन यह जरूर कह रहे हैं कि तेल कंपनियों से जब डिटेल आएगी, तब ही तस्वीर कुछ साफ होगी








