Jambhsar Media News Digital Desk नई दिल्ली: Rajasthan Petrol and Diesel Prices : केंद्र के बाद अब राजस्थान प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है। यानी डबल इंजन सरकार हो गई लेकिन प्रदेश को डबल इंजन सरकार से डबल घाटा हो रहा है। बीते 18 महीने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 40 डॉलर तक सस्ती हो गई हैं।
इसके बावजूद केंद्र सरकार ने तेल के दाम नहीं घटाए हैं। उधर राजस्थान में तेल पर वैट (मूल्य संवर्द्धित कर) अधिक होने के कारण पड़ोसी राज्यों गुजरात, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से महंगा पेट्रोल-डीजल मिल रहा है। दो महीने बाद भी डबल इंजन की सरकार वैट घटाने को लेकर कोई निर्णय नहीं कर सकी है। देश में अंतिम बार पेट्रोल-डीजल की कीमत 22 मई, 2022 को तय हुई थी। उस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल थी। इसके बाद कच्चे तेल की कीमतें लगातार कम होती गईं लेकिन तेल कम्पनियों ने दाम में कोई कटौती नहीं की।
शुक्रवार को कच्चा तेल 81.55 डॉलर प्रति बैरल था। वैसे केंद्र सरकार ने 16 जून 2017 से तेल कम्पनियों को तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार प्रतिदिन निर्धारित करने की छूट दी थीए लेकिन बीते 18 महीनों से तेल कम्पनियां मौन हैं।
समय – कच्चा तेल (कीमत डॉलर प्रति बैरल में)
मई 2022 – 115
जून 2022 – 110
सितम्बर 2022 – 76
जनवरी 2023 – 85
मार्च 2023 – 84
जून 2023 – 76
सितम्बर 2023 – 90
दिसम्बर 2023 – 78
फरवरी 2024 – 81
राजस्थान के लोगों पर पेट्रोल-डीजल को लेकर दोहरी मार पड़ रही है। एक तो केंद्र सरकार दाम नहीं घटा रही है, दूसरी और राज्य सरकार भी अधिक वैट वसूल रही है। वर्तमान में राजस्थान में पेट्रोल पर 31 प्रतिशत और डीजल पर 19.31 प्रतिशत वैट वसूला जा रहा है, जो पड़ोसी राज्यों से अधिक है। गुजरात में डीजल पर 14.90 प्रतिशत, हरियाणा में 15.90 प्रतिशत, पंजाब में 9.9 प्रतिशत और उत्तरप्रदेश में 11 प्रतिशत है। गौरतलब है कि जोधपुर में वर्तमान में पेट्रोल की कीमत 108.29 रुपए प्रति लीटर और डीजल की 93.56 रुपए प्रति लीटर है जो 22 मई 2022 को तय की गई थी।
राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि दोनों ही सरकारें तेल के दाम नहीं घटा रही हैं। सर्वाधिक परेशानी राज्य सरकार की ओर से अत्यधिक लिए जा रहे वैट से हो रही है। इससे प्रदेश के पड़ोसी राज्यों से लगते जिलों में पेट्रोल-डीजल की बिक्री बिल्कुल कम हो गई है।








