ब्रेकिंग1 रुपए के शगुन में सजी सादगी भरी शाही शादी IPS केके बिश्नोई और अंशिका वर्मा जीवनसाथी बने, जोधपुर में हुआ भव्य रिसेप्शन...ब्रेकिंगधमकियों से परेशान भजन गायक छोटू सिंह रावणा, एसपी से मांगी सुरक्षा—1 अप्रैल को दर्ज कराएंगे FIR...ब्रेकिंगशादी से लौट रहे युवक पर तलवारों से हमला, उदयपुर में पुरानी रंजिश ने ली जान...ब्रेकिंगसावधान! एक क्लिक में खाली हुआ अकाउंट—जोधपुर में साइबर ठगी का बड़ा केस...ब्रेकिंगरविंद्र सिंह भाटी, छोटू सिंह रावणा, बाड़मेर विवाद, शिव विधायक, सोशल मीडिया विवाद, FIR, मानहानि केस, CID-CB जांच, राजपूत समाज, सड़क वीडियो विवादब्रेकिंग93% अंक लाकर भी अधूरी रह गई खुशी—श्रीगंगानगर की निकिता रिजल्ट से पहले ही दुनिया छोड़ गई...ब्रेकिंग1 रुपए के शगुन में सजी सादगी भरी शाही शादी IPS केके बिश्नोई और अंशिका वर्मा जीवनसाथी बने, जोधपुर में हुआ भव्य रिसेप्शन...ब्रेकिंगधमकियों से परेशान भजन गायक छोटू सिंह रावणा, एसपी से मांगी सुरक्षा—1 अप्रैल को दर्ज कराएंगे FIR...ब्रेकिंगशादी से लौट रहे युवक पर तलवारों से हमला, उदयपुर में पुरानी रंजिश ने ली जान...ब्रेकिंगसावधान! एक क्लिक में खाली हुआ अकाउंट—जोधपुर में साइबर ठगी का बड़ा केस...ब्रेकिंगरविंद्र सिंह भाटी, छोटू सिंह रावणा, बाड़मेर विवाद, शिव विधायक, सोशल मीडिया विवाद, FIR, मानहानि केस, CID-CB जांच, राजपूत समाज, सड़क वीडियो विवादब्रेकिंग93% अंक लाकर भी अधूरी रह गई खुशी—श्रीगंगानगर की निकिता रिजल्ट से पहले ही दुनिया छोड़ गई...

अगर आपने loan ले रखा हैं और रिकवरी एजेंट कर रहे हैं परेशान, तो जान लें RBI के ये नियम

अगर आपने loan ले रखा हैं और रिकवरी एजेंट कर रहे हैं परेशान, तो जान लें RBI के ये नियम
अगर आपने loan ले रखा हैं और रिकवरी एजेंट कर रहे हैं परेशान, तो जान लें RBI के ये नियम

Jambhsar Media News Digital Desk नई दिल्‍ली : आजकल महंगाई इतनी ज्‍यादा बढ़ गई है कि मिडिल क्‍लास लोगों के लिए हर काम अपनी कमाई से कर पाना आसान नहीं होता है। ऐसे में वो मकान (Home Loan), गाड़ी (Car Loan) आदि जैसी तमाम जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंक से लोन लेना सही समझते हैं। लोन से उनका काम तो हो जाता है पर हर महीने ब्‍याज समेत उसकी किस्‍त उनके अकाउंट से कटती रहती है। लेकिन अगर किसी परिस्थिति में आप लोन की किस्‍त नहीं चूका पा रहे हैं। तो आप लोन डिफॉल्टेर (loan defaulters) की केटेगरी में आ जाएंगे। ऐसे में ग्राहक को लोन रिकवरी एजेंट्स (loan recovery) की ओर से हैरेसमेंट भी झेलना पड़ सकता है। इससे बचने के लिए RBI के ये नियम जान लें-

अक्सर लोन न चुकाने के कारण रिकवरी एजेंट्स द्वारा परेशान किए जाने की कई शिकायतें सामने आती हैं।असल में जब भी ग्राहक समय से लोन न चुका पाने पर डिफॉल्ट की कैटेगरी में पाया जाता है, तो ऐसे मामले में तीन पक्षों का रोल होता हैं, ग्राहक, बैंक और रिकवरी एजेंट। बैंक या इंश्योरेंस कंपनी लोन की भरपाई करवाने के लिए रिकवरी एजेंट्स को हायर करते हैं, ताकि रिकवरी एजेंट्स ग्राहक से लोन बकाया वसूल कर सकें बदले में रिकवरी एजेंट्स को कमीशन भी मिलता है। ऐसे में रिकवरी एजेंट्स के पास कमीशन पाने के लिए किन्ही भी तरीको का इस्तेयमाल कर के आप से लोन वसूलने की कोशिश करते है। 

कभी-कभी रिकवरी एजेंट्स किसी भी हद तक जाने को तैयार हो जाते हैं, वे गाली-गलौज या धमकी देने कर उतर जाते हैं। जिससे ग्राहक के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। अगर आप भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रिकवरी एजेंटों के लिए कुछ दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन उन्हें करना होता है। आइये इन्हे विस्तार से जानते हैं। 

अगर एजेंट आपको फोन पर बार-बार धमकी दे रहा है और गाली-गलौज कर रहा है। आपको भद्दे और अश्लील मैसेज और बातें भेज रहा है।
आपके ऑफिस तक, आपके बॉस तक पहुंच रहा है।
आपके परिवार और सहयोगी कर्मचारियों को तंग कर रहा है।
कानूनी कार्रवाई कराने या फिर गिरफ्तारी कराने की धमकी दे रहा है।
आपके घर या ऑफिस पर आकर आपको दूसरों के सामने धमकी दे रहा है और शर्मिंदा कर रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हथकंडे अपना रहा है।
आपको ज्यादा लोन लेकर बकाया भरने या फिर घर-बार बेचने पर मजबूर कर रहा है।
एक से ज्यादा लोगों का इस्तेमाल कर रहा है या फिर आपका पीछा कर रहा है।
सरकारी लोगो का या मुहर का फर्जी इस्तेमाल करके आपको डरा रहा है।

बैंक ग्राहक से वैध तरीकों से लोन वसूल कर सकते हैं। RBI के Fair Practice Code के तहत ही उन्हें पारदर्शिता और न्यायसंगत तरीकों से लोन रिकवर करना होता है।
बैंक किसी भी तरह का शोषण नहीं कर सकते हैं, चाहें वो मौखिक हो या शारीरिक। धमकी नहीं दी जा सकती।
लोन रिकवरी के लिए तीसरे पक्ष को लोन की जानकारी देने की तबतक जरूरत नहीं होगी, जब तक कानूनी रूप से इसकी जरूरत नहीं पड़ती। उधारकर्ता की प्राइवेसी की सुरक्षा करना बैंकों की जिम्मेदारी है।
बैंकों को डिफॉल्ट की स्थिति में उधारकर्ता को पहले नोटिस ऑफ डिफॉल्ट भेजना होगा। इसमें डिफॉल्ट की पूरी डीटेल, जैसे कि कितना बकाया है, और डिफॉल्ट की स्थिति में उधारकर्ता को अब क्या कदम उठाने चाहिए। इसके साथ ही ग्राहकों को एक लोन अकाउंट स्टेटमेंट भी दिया जाना चाहिए।
अगर बैंक लोन रिकवरी एजेंट्स का सहारा ले रहे हैं तो ये ध्यान रखना होगा कि ये एजेंट्स आरबीआई की आचार संहिता के तहत ही अपना काम करें। इन एजेंट्स के पास आईडी कार्ड, ऑथराइजेशन लेटर और बैंक की ओर से जारी किए गए नोटिस की कॉपी हो। आरबीआई के नियमों के तहत ये एजेंट्स ग्राहकों का किसी भी तरह से शोषण नहीं कर सकते हैं।

लोन सेटलमेंट के वक्त बैंक की ओर से ग्राहकों को सभी उपलब्ध विकल्प दिए जाने चाहिए।
अगर बैंक ग्राहक की किसी चल-अचल संपत्ति की नीलामी कर रहे हैं, तो उन्हें इसे Securitisation and Reconstruction of Financial Assets and Enforcement of Security Interest Act, 2002 (SARFAESI Act) और Security Interest (Enforcement) Rules, 2002 के प्रावधानों के तहत ही करना होगा।
बैंक आपके लोन कॉन्ट्रैक्ट में आपकी संपत्ति को कब्जे में लेने का प्रावधान भी रख सकते हैं, ये आपको पहले से चेक कर लेना चाहिए क्योंकि डिफॉल्ट की स्थिति में ये क्लॉज वैध होने पर बैंक के पास कब्जे का अधिकार होगा। कॉन्ट्रैक्ट में नोटिस पीरियड, नोटिस पीरियड से छूट, और कब्जे की प्रक्रिया की डीटेल होनी चाहिए।

सबसे पहले तो बैंकों को जांच-परखकर रिकवरी एजेंट्स को हायर करना चाहिए। उनका वेरिफिकेशन होना चाहिए।
बैंकों की ओर से ग्राहकों को रिकवरी एजेंट और उसकी एजेंसी की जानकारी देनी चाहिए।
बैंक की ओर से रिकवरी एजेंट को दिए गए नोटिस और ऑथराइजेशन लेटर में रिकवरी एजेंट्स के नंबर होने चाहिए और जो भी कॉल पर बातचीत होती है, वो रिकॉर्ड होनी चाहिए।
अगर ग्राहकों की ओर से रिकवरी प्रोसेस को लेकर कोई शिकायत होती है तो बैंकों के पास इसके समाधान के लिए प्लेटफॉर्म होना चाहिए।
एजेंट्स को ग्राहकों से मिलने पर अपनी आईडी दिखानी चाहिए। अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो ग्राहक इसकी शिकायत कर सकते हैं।

रिकवरी एजेंट ग्राहक से दुर्व्यवहार नहीं कर सकते, न ही किसी के सामने आपको शर्मिंदा कर सकते हैं। धमकी और गाली-गलौज की बात दूर है।
साथ ही रिकवरी एजेंट्स आपको ऊटपटांग टाइम पर कॉल भी नहीं कर सकता। एजेंट्स ग्राहक को बस सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे के बीच में ही कॉल कर सकते हैं।

आप पुलिस के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पुलिस शिकायत नहीं दर्ज करती तो आप मजिस्ट्रेट के पास जा सकते हैं।
पुलिस की ओर से मदद न मिलने पर आप सिविल कोर्ट में जा सकते हैं। कोर्ट या तो रिकवरी एजेंट पर लगाम लगा सकता है या फिर कोई ऐसा हल सुलझा सकता है जो दोनों पक्षों के लिए फायदे वाला हो।
आप रिजर्व बैंक के पास भी जा सकते हैं। सेंट्रल बैंक ऐसे रिकवरी एजेंट्स पर बैन भी लगा सकता है।
आप बैंक से शिकायत कर सकते हैं कि आपकी निजता का उल्लंघन किया जा रहा है या फिर आप मानहानि का केस भी फाइल कर सकते हैं।

इस लेख को शेयर करें

संबंधित लेख

सबसे ज्यादा पढ़ा गया