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Refund Gang: जोधपुर की रिफंड गैंग पर सीबीआई की सबसे बड़ी रेड, 5 जिलों में एक साथ पहुंची CBI

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Jambhsar Media Digital Desk : यूको बैंक के ट्रांजेक्शन सिस्टम में 3 दिन आए टेक्निकल फॉल्ट का फायदा उठाते हुए 850 रुपए निकाल लिए गए। ट्रांजेक्शन तो हो रहे थे लेकिन, ये कस्टमर के खातों में नहीं दिखा रहे थे। ऐसे में ई-मित्र संचालकों और बैंककर्मियों के खिलाफ मामला 14 नवम्बर को दर्ज कराया गया था। अब 5 जिलों में CBI ने अलग-अलग आरोपियों के ठिकानों पर रेड दी है।

पिछले साल 10-13 नवंबर 2023 के बीच यूको बैंक के सिस्टम में तकनीकी खामी आई थी। इसका फायदा उठाकर कुछ खातों में बहुत ज्यादा ट्रांजैक्शन किए गए थे। IMPS से ये लेन-देन आईडीएफसी बैंक व अन्य बैंकों से थे। दूसरी बैंकों से लेनदेन किए गए तो यूको बैंक की तकनीकी खामी की वजह से दूसरे बैंकों में रीजैक्शन के मैसेज आने लग गए थे। खातों से राशि बगैर डेबिट हुए यूको बैंक खाताधारकों को जमा हो गई थी। इसका पता लगने पर कई लोगों ने अचानक लेनदेन शुरू कर दिए। यह बात आग की तरह फैल गई। इसके बाद सैंकड़ों लोगों ने लेन-देन कर दिए थे। जोधपुर, लोहावट, फलोदी, अजमेर, नागौर व बाड़मेर में लोगों ने खातों से राशि दूसरे खातों में जमा करनी शुरू कर दी थी।

10 अधिकारियों की जयपुर-जोधपुर की टीमों ने 5 जिलों और जोधपुर के 70 से अधिक ठिकानों पर रेड मारी है। इसमें जोधपुर, फलोदी, लोहावट, ओसियां, भोजसर, चाडी हैं। वहीं नागौर, अजमेर, फलोदी और बाड़मेर पर एक साथ छापा मारा। देर रात तक सभी स्थानों पर यह कार्रवाई जारी रही। सभी ठिकाने बैंक कर्मियों और ई-मित्र संचालकों के हैं। यहां से टीमों ने कई डॉक्युमेंट और मोबाइल जब्त किए गए हैं।

जानकारी के अनुसार यूको बैंक ने 14 नवम्बर को एसओजी जयपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर जयपुर के साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। बैंक में हुई यह गड़बड़ी करोड़ों रुपए और सैकड़ों खाताधारकों की होने से इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया था। इसी के चलते बुधवार को कार्रवाई की गई।

पहले बैंक ने 1.53 करोड़ रुपए की गड़बड़ी होने का आरोप लगाया था। एनएससी व बीएससी को सूचना दी थी कि बैंक में आंतरिक तकनीकी खामी की वजह से गड़बड़ी हुई थी। 16 नवंबर को बीएसई व एनएससी को लिखे पत्र में बैंक ने खाते ब्लॉक कर 820 करोड़ में से 649 करोड़ रुपए रिकवर किए थे।

बैंक से करोड़ों रुपए की सबसे ज्यादा गड़बड़ी ग्रामीण क्षेत्रों में सामने आई थी। ई-मित्रों से ग्रामीण लोगों ने रातों-रात खाते खुलवाए और फिर लाखों रुपए का लेन-देन कर राशि ऑनलाइन दूसरे खातों में जमा करवाई थी। पहले जयपुर की साइबर थाना पुलिस और अब सीबीआई ने ऐसे खाता धारकों को चिह्नित किया और अब इनके ठिकानों पर दबिश देकर दस्तावेज जब्त किए हैं।

पाल रोड पर यूको बैंक की शाखा में अप्रैल 2023 में कोटा के एक व्यक्ति ने फर्म के नाम से खाता खुलवाया था। खाता धारक ने खुद को फर्म का मालिक बताया था। खाता खोलने के लिए उसने फर्जी दस्तावेज पेश किए थे। आधार कार्ड भी फर्जी था। खाते का संचालन कोई दूसरा आदमी करता था। जिसे पुलिस ने हिरासत में लिया था। इस खाते से 96 लाख रुपए निकाले गए थे। गड़बड़ी का पता लगने पर बैंक कर्मचारी खाते में अंकित पते पर पहुंचे तो वहां उस नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला था।

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