Jambhsar Media News Digital Desk नई दिल्ली: पिछले कुछ दिनों में आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट बैंक (Paytm Payment Bank) पर बड़ी कार्रवाई की है। जिसके बाद अब आरबीआई (RBI) ने एसबीआई, केनरा बैंक और सिटी यूनियन बैंक पर कड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाया है। बताया जा रहा है कि बैंकों ने नियामकीय मानदंडो का उल्लंघन किया था। वहीं, एक ओर ग्राहकों के मन में यह डर बना हुआ है कि बैंकों पर लगाए गए जुर्माने का उनकी जेब पर असर होगा या नहीं। चलिए नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं-
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) के द्वारा भारतीय स्टेट बैंक (SBI), केनरा बैंक और सिटी यूनियन बैंक पर सख्त कार्रवाई की गयी है। बताया जा रहा है कि नियामकीय मानदंडों के उल्लंघन को लेकर शीर्ष बैंक ने करीब तीन करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
इसकी जानकारी देते हुए रिजर्व बैंक ने कहा कि जमाकर्ता शिक्षा जागरूकता कोष योजना, 2014 से संबंधित कुछ मानदंडों के उल्लंघन के लिए एसबीआई (State Bank of India) पर दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा आय पहचान, संपत्ति वर्गीकरण और कर्ज से संबंधित प्रावधान, फंसे कर्ज (एनपीए) को लेकर प्रावधान तथा अपने ग्राहक को जानों से जुड़े आरबीआई के कुछ निर्देशों का पालन न करने को लेकर सिटी यूनियन बैंक लिमिटेड पर 66 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
RBI ने कुछ निर्देशों का पालन नहीं करने के मामले में केनरा बैंक (Canara Bank) पर भी 32.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों से संबंधित कुछ प्रावधानों का पालन नहीं करने पर ओड़िशा में राउरकेला के ओशन कैपिटल मार्केट लि। पर 16 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आरबीआई ने साफ कहा है कि जुर्माना नियामकीय अनुपालन में कमियों को लेकर लगाया गया है। बैंक और ग्राहकों के बीच लेन-देन या समझौते से इसका कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, बैंक पर लगे जुर्माने का प्रभाव आम ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बताया कि ओडिशा के राउरकेल में स्थित ओसियन कैपिटल मार्केट लिमिडेट बैंक पर भी जुर्माना लगाया गया है। एनबीएफसी (Non Banking Financial Companies) से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने पर कंपनी के ऊपर करीब 16 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बता दें कि समय-समय पर रिजर्व बैंक के द्वारा जांच के दौरान पाये जाने वाली गलतियों को नियंत्रित करने के लिए बैंकों के ऊपर कार्रवाई की जाती रहती है। शीर्ष बैंक ने सभी बैंकों के ऊपर जुर्माना रेगुलेटरी जांच में पाई गई कमियों के बाद लगाया जाता है।








