Jambhsar Media News Digital Desk नई दिल्ली : बैंकिंग सिस्टम को और भी बढ़िया तरीके से चलने के लिए RBI सख्ती से काम कर रहा है और ज़रा सी भी गलती होने पर bank पर तगड़ा जुर्माना लगा रहा है | कुछ दिन पहले RBI ने paytm payment bank पर एक्शन लिया था और आज RBI ने इन 5 बैंकों पर तगड़ा जुर्माना ठोका है | आइये जानते हैं क्या है इसका कारण और कितना लगाया है जुर्माना
फरवरी महीने में रिजर्व बैंक आफ इंडिया (Reserve Bank Of India) कई बैंकों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। आरबीआई ने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के पांच बैंकों पर 39 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इस बात की जानकारी केंद्रीय बैंक ने 29 फरवरी को दी है। भारतीय रिजर्व बैंक नियमों की अनदेखी पर बैंकों के खिलाफ अक्सर एक्शन लेता रहता है। इस हफ्ते एसबीआई, एसबीआई केनरा बैंक और सिटी यूनियन बैंक पर आरबीआई का डंडा चला था।
22 फरवरी 2024 के एक आदेश द्वारा शिक्षक सहकारी बैंक लिमिटेड, नागपुर पर गैर निष्क्रियता के लिए 23.30 लाख रुपए का मौद्रिक जुर्माना आरबीआई ने लगाया है। जांच में पाया गया कि बैंक वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान 100% से अधिक जोखिम भार वाले कुछ नए लोन ओं एडवांस स्वीकृत किए थे।
21 फरवरी 2024 के आदेश द्वारा रिजर्व बैंक ने प्रोगेसिव को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड मुंबई, महाराष्ट्र पर 1 लाख रुपये की पेनल्टी ठोकी है। निरीक्षण और जोखिम मूल्यांकन रिपोर्ट और उससे संबंधित पत्राचार की जांच से इस बात का पता चला कि बैंक ने विवेकपूर्ण अंतर बैंक सकल एक्स्पोज़र सीमा का अनुपालन नहीं किया है। साथ ही विवेकपूर्ण अंतर बैंक काउंटर पार्टी सीमा से जुड़े निर्देशों का अनुपालन करने में भी विफल रहा।
22 फरवरी 2024 के आदेश द्वारा सोलापुर डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सोलापुर, महाराष्ट्र पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक ने बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ-साथ पठित धारा 26 (ए) के प्रावधानों और जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता निधि पर आरबीआई द्वारा जारी किए गए निर्देशों का उल्लंघन किया है। एक जांच में पाया गया कि बैंक ने पात्र राशि को जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष में स्थानांतरित करने में विफल रहा।
23 फरवरी 2024 के आदेश द्वारा नोबल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, नोएडा, उत्तर प्रदेश पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बैंक पर्यवेक्षी करवाई ढांचे यानी एसएएफ के तहत आरबीआई द्वारा जारी किए गए निर्देशों का अनुपालन करने में विफल रहा। आरबीआई ने अपने बयान में बताया कि बैंक ने बिना Uncollatarised नए लोन और एडवांस स्वीकृत किए थे।
23 फरवरी 2024 के आदेश द्वारा आदर्श महिला को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश पर 5 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया है। बैंक ने ऐसे लोन को स्वीकृत किया जिसमें बैंक के निर्देशकों में से एक का रिश्तेदार रुचि रखता था। विभिन्न अवधियों के लिए भारतीय स्टेट बैंक द्वारा द्वारा दी जाने वाली ब्याज दरों की तुलना में अधिक ब्याज दरों की पेशकश की थी। इसके अलावा बैंक ने 100% से अधिक जोखिम भार वाले नए लोन और अग्रिम स्वीकृत किए थे।
आरबीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि इन बैंकों के खिलाफ की गई कार्रवाई विनियामक अनुपालन में कमी पर आधारित है। बैंक द्वारा ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते पर इसका कोई भी असर नहीं पड़ेगा।








