Jambhsar Media Desk, New Delhi: राजस्थान में अब रसद विभाग की तरफ से बड़ी तैयारी की जा रही है. रसद विभाग अब खाद्य सामग्री को संबंधित गांवों में डीलर तक पहुंचाने के लिए वाहनों में अब जीपीएस सिस्टम लगाए जाएंगे। गत दिनों इस संबंध में उपायुक्त एवं उप शासन सचिव आशीष कुमार ने रूट ऑप्टिमाईजेशन क्रियान्वयन के संबंध में बैठक लेकर प्रदेश के सभी जिलों रसद दुकानों के जियो कॉर्डिनेट्स के सत्यापन अविलंब करवाने के लिए कहा था।
साथ ही रसद विभाग में रसद सामग्री पहुंचाने वाले वाहनों की जियो टेगिंग करवाने के निर्देश दिए थे।
पारदर्शता लाने के लिए शुरू की
अब गोदामों से सीधे डीलर तक खाद्यान्न सामग्री पहुंचाई जाएगी। जिससे बीच में गड़बड़ी की आशंका नहीं रहेगी। गौरतलब है कि भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से गेहूं का उठाव कर उचित मूल्य दुकानों पर आपूर्ति करने की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता लाने के लिए यह कवायद शुरू की गई है। इसके तहत अब जीपीएस सिस्टम से गेहूं आपूर्ति के लिए अनुबधिंत वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा।
इस संबंध में शासन सचिव ने जिला रसद अधिकारियों एवं प्रबन्धक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति को पूर्ण समन्वय एवं सहयोग से कार्य करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए थे। जिससे सभी उचित मूल्य दुकानों एवं भारतीय खाद्य निगम के डिपो की जियो टेगिंग करवाई जाएगी।
ये होगा फायदा
झालावाड़ जिले में 630 राशन डीलर है, जिनके पास भवानीमंडी एफसीआई से माल पहुंचता है। अब भारतीय खाद्य निगम के डिपों की भी जियो टेगिंग होने से पूरी तरह से पारदर्शिता रहेगी। बीच में वाहन कितने किलोमीटर दूरी तय करके जा रहा है। किस रूट से जा रही है, इसकी पूरी मॉनिटरिंग हो सकेगी। वहीं जितने किलो मीटर की दूरी वाहन ने तय की है उसी के हिसाब से बिल बनेगा। ऑनलाइन मैपिंग होने से निगरानी रखना बहुत ही आसान होगा।
रूट ऑप्टिमाईजेशन के लिए दुकानों व गोदाम की दूरी का सत्यापन किया जा रहा है। हर दुकान का जिया कॉर्डिनेट किया जा रहा है। इससे अनावश्यक किलो मीटर बताने से होने वाला अतिरिक्त खर्चा बचेगा।वाहन की लोकेशन आदि की भी मॉनिटरिंग होगी।एक बेस बनने के बाद उसी हिसाब से बिलों का भुगतान होगा।
जितेन्द्र, जिला रसद अधिकारी, झालावाड़








