Jambhsar Media News Digital Desk नई दिल्ली: शिक्षा जगत, पर्यटन और बच्चों के लिए 5 वर्ष पुराने सपने के पूरे होने की शुरुआत हो गई है. अजमेर में साइंस पार्क जल्द ही आकार लेगा. विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को जिला प्रशासन और विज्ञान तकनीकी विभाग के अधिकारियों के साथ पंचशील में झलकारी बाई स्मारक के सामने बनने वाले साइंस पार्क की भूमि का अवलोकन किया.
वासुदेव देवनानी ने 20 हजार वर्ग मीटर भूमि पर बनने वाले साइंस पार्क के विभिन्न आयामों पर प्रशासनिक अधिकारियों, विज्ञान एवं तकनीकी विभाग के अधिकारियों से चर्चा की. देवनानी ने जिला कलेक्टर भारती दीक्षित को निर्देश दिए कि साइंस पार्क के चारों ओर चारदिवारी का निर्माण अजमेर विकास प्राधिकरण से करवाया जाए. इस चारदीवारी के निर्माण पर करीब 1 करोड़ रुपए की लागत आएगी.
साइंस पार्क के निर्माण पर 15 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत का अनुमान है. देवनानी ने बताया कि केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने इसकी मंजूरी दे दी है. भूमि समतलीकरण के बावजूद 5 साल तक साइंस पार्क का काम अटकने से अजमेर के पर्यटन विकास और लाखों स्कूल विद्यार्थियों के लिए अपने शहर में विज्ञान की जानकारी की आस अधूरी रह गई है.
पश्चिम भारत का सबसे आधुनिक साइंस पार्क अजमेर में बनने वाला साइंस पार्क पश्चिम भारत में सबसे आधुनिक होगा. साइंस पार्क में एक क्रिएटिविटी जोन बनेगा, जहां विद्यार्थी अपनी विज्ञान सोच और क्षमता को विकसित कर सकेंगे. इसमें थीम बेस पार्क, फन साइंस पार्क, आउटडोर साइंस पार्क, तारामंडल, एक्जीबिट लैब सहित अन्य खासियत भी होगी. पार्क में भौतिक और गणित से जुड़े विभिन्न मॉडल भी प्रदर्शित होंगे. भवन को भारतीय स्थापत्य शैली के अनुसार डिजाइन किया जा रहा है. इस अवसर पर जिला कलेक्टर भारती दीक्षित, नगर निगम आयुक्त देशल दान और विज्ञान तकनीकी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे.








