Jambhsar Media Digital Desk : रिटायरमेंट के बाद सीनियर सिटीजंस के पास जो भी जमा पूंजी होती है, वो उसे लेकर किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। इसलिए ज्यादातर अपनी जमा पूंजी को फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करना पसंद करते हैं, जहां पर उन्हें गारंटीड ब्याज मिल सके और उनकी रकम भी सुरक्षित रहे। लेकिन अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट में थोड़े लंबे समय के लिए रकम जमा करना चाहते हैं तो पोस्ट ऑफिस की SCSS यानी Senior Citizens Savings Scheme बेहतर विकल्प साबित हो सकती है।
हर कोई चाहता है कि उसका रिटायरमेंट (retirement period) के बाद का जीवन बिना किसी तनाव के अच्छे से गुजरे। इसके लिए वे सेविंग्स भी करते है। रिटायरमेंट फंड के तौर पर सीनियर सिटीजंस के पास जिंदगी भर की मेहनत से इकट्ठी की गई जमा पूंजी भी होती है. इसे लेकर वो किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहते. यही कारण है कि मेहनत की इस कमाई को वो किसी ऐसी जगह पर इन्वेस्ट करना चाहते हैं, जहां पर उनकी रकम सुरक्षित रहे और उन्हें उस पर गारंटीड ब्याज मिलता रहे. इसलिए अधिकतर वरिष्ठ नागरिक बैंक एफडी में निवेश (investment in FD) करना पसंद करते हैं.
लेकिन यदि आप अपनी जमा पूंजी को बैंक में एफडी की बजाय पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (Senior Citizens Savings Scheme) में सिर्फ 5 सालों के लिए जमा करें तो आपकी रकम भी 100 फीसदी सुरक्षित रहेगी और आप इस पर बेहतर ब्याज दरों का फायदा भी ले सकेंगे. मौजूदा समय में सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम में 8.2 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज मिल रहा है. जानिए SCSS से जुड़ी खास बातें.
सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS) में कोई भी सीनियर सिटीजन अधिकतम 30,00,000 रुपए तक निवेश कर सकता है, वहीं न्यूनतम निवेश की सीमा 1000 रुपए है. इस स्कीम में जमा राशि पर तिमाही आधार पर ब्याज दिया जाता है. 5 साल बाद स्कीम मैच्योर हो जाती है. कोई भी व्यक्ति जिसकी उम्र 60 साल या इससे ज्यादा है, वो इस स्कीम में निवेश कर सकता है. वहीं वीआरएस लेने वाले सिविल सेक्टर के सरकारी कर्मचारियों और डिफेंस से रिटायर होने वाले लोगों को कुछ शर्तों के साथ उम्र सीमा में छूट दी जाती है.
यदि आप चाहें तो सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (Senior Citizens Savings Scheme) से अधिकतम 12,30,000 रुपए तक सिर्फ ब्याज से कमा सकते हैं. लेकिन इसका लाभ उठाने के लिए आपको SCSS अकाउंट में 30,00,000 रुपए डिपॉजिट करने होंगे. अगर आप 30,00,000 रुपए इस स्कीम में जमा करते हैं, तो 5 सालों में इस पर आपको 8.2 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज मिलेगा. SCSS Calculator के हिसाब से ये ब्याज 12,30,000 रुपए होगा. यानी 5 साल बाद आपको मैच्योरिटी अमाउंट 42,30,000 रुपए मिलेगा.
यदि आप इस स्कीम (Post office scheme) का फायदा 5 साल बाद के बाद भी जारी रखना चाहते हैं, तो जमा राशि मैच्योर होने के बाद आप खाते की अवधि तीन साल के लिए बढ़ा सकते हैं. इसे मैच्योरिटी के 1 साल के भीतर बढ़ाया जा सकता है. एक्सटेंडेट खाते पर मैच्योरिटी की तारीख पर लागू दर पर ब्याज मिलता है. SCSS में सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है.








