अक्षय तृतीया जैसे बड़े त्योहार पर हुई भारी खरीदारी के बाद देशभर के सर्राफा बाजार में अब हल्की सुस्ती देखने को मिल रही है। 20 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि यह गिरावट बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन त्योहार के बाद बाजार के रुख को समझने के लिए इसे अहम संकेत माना जा रहा है।
सोने के दाम में हल्की गिरावट
आज सोने की कीमतों में मामूली नरमी देखने को मिली है।
24 कैरेट सोना लगभग ₹1,55,770 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है
22 कैरेट सोना करीब ₹1,42,790 प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ है
18 कैरेट सोना लगभग ₹1,16,830 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है
कीमतों में यह गिरावट बहुत कम है, लेकिन इससे यह संकेत मिलता है कि अक्षय तृतीया के बाद डिमांड थोड़ी धीमी हुई है।
बड़े शहरों में सोने के ताज़ा रेट
देश के प्रमुख शहरों में सोने के भाव में मामूली अंतर देखने को मिल रहा है—
दिल्ली में 24 कैरेट सोना करीब ₹15,592 प्रति ग्राम
मुंबई और कोलकाता में लगभग ₹15,577 प्रति ग्राम
चेन्नई में सबसे अधिक ₹15,665 प्रति ग्राम
पटना और रांची में लगभग ₹15,741 प्रति ग्राम
इससे साफ है कि अलग-अलग शहरों में टैक्स और स्थानीय मांग के कारण कीमतों में अंतर बना रहता है।
चांदी भी हुई सस्ती
सोने के साथ-साथ चांदी के दाम में भी गिरावट देखने को मिली है।
1 किलो चांदी का भाव घटकर करीब ₹2,74,900 रह गया है
प्रति ग्राम चांदी ₹274.90 के आसपास कारोबार कर रही है
चांदी की कीमतों पर औद्योगिक मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार का सीधा असर पड़ता है, इसलिए इसमें उतार-चढ़ाव थोड़ा ज्यादा देखने को मिलता है।
शहरों में चांदी के भाव
दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में ₹2,74,900 प्रति किलो
चेन्नई में लगभग ₹2,79,900 प्रति किलो
पटना और रांची में करीब ₹2,80,000 प्रति किलो
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहार के बाद कीमतों का स्थिर होना निवेशकों के लिए एक अच्छा संकेत हो सकता है। यदि आप लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो यह समय धीरे-धीरे खरीदारी शुरू करने के लिए उपयुक्त माना जा सकता है।
हालांकि, बाजार में आगे की चाल वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की स्थिति और ब्याज दरों पर निर्भर करेगी।
अक्षय तृतीया की भारी मांग के बाद अब बाजार थोड़ा ठंडा पड़ा है। सोना-चांदी में हल्की गिरावट जरूर आई है, लेकिन कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ऐसे में निवेश से पहले बाजार की दिशा को समझना जरूरी है।








