राजस्थान में मौसम ने अचानक करवट ली है। मार्च के आखिरी दिनों में सक्रिय हुए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि देखने को मिली। खासतौर पर शेखावाटी और नागौर क्षेत्र में सोमवार देर रात ओले गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के कई हिस्सों में खराब मौसम की चेतावनी जारी की है।
ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान
सोमवार रात जयपुर, शेखावाटी और नागौर के आसपास के इलाकों में अचानक मौसम बिगड़ा और कई जगहों पर ओले गिरे। इस दौरान तेज हवाओं और बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया। गेहूं, सरसों और चने की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित बताई जा रही है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
तापमान में गिरावट, ठंडक लौटी
इस मौसम बदलाव का असर तापमान पर भी साफ देखा गया है। कई शहरों में दिन और रात के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। गर्मी के बीच अचानक आई ठंडक ने लोगों को राहत जरूर दी, लेकिन यह बदलाव स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है।
आज भी 7 जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार आज भी राज्य के करीब 7 जिलों में तेज आंधी, हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। हवा की रफ्तार तेज रहने की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
अप्रैल के पहले सप्ताह तक असर जारी
विशेषज्ञों का कहना है कि यह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस अप्रैल के पहले सप्ताह तक सक्रिय रहेगा। इस दौरान बीच-बीच में बादल छाने, हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके बाद ही तापमान में फिर से बढ़ोतरी शुरू होगी।
किसानों और आमजन के लिए सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करें। वहीं आम लोगों को तेज आंधी और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, खुले स्थानों से दूर रहने और सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी गई है।
यह अचानक बदला मौसम जहां एक तरफ गर्मी से राहत दे रहा है, वहीं किसानों के लिए चिंता का कारण भी बन गया है। आने वाले कुछ दिन प्रदेश के मौसम के लिहाज से काफी अहम रहने वाले हैं।








