Jambhsar Media Digital Desk : हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक आपको बता दें कि बढ़ती महंगाई के बीच अब नोटों का प्रिंटिंग कॉस्ट भी बढ़ गई है। ऐसे में आज हम आपको अपनी इस खबर में ये बता दें कि आखिर आरबीआई को 100 और 200 का नोट छापने में कितना खर्च आता है और साथ ही ये भी जान लेते है आखिर आरबीआई को किस नोट की छपाई महंगी पड़ती है।
क्या आप जानते हैं…जो नोट या करेंसी इस वक्त आप पर्स में रखकर घूम रहे हैं उसकी छपाई के लिए भी पैसे लगते हैं? जी हां करेंसी की छपाई के लिए भी RBI को अच्छा खासा प्रिंटिंग कॉस्ट देना पड़ता है. बढ़ती महंगाई में अब नोटों का प्रिंटिंग कॉस्ट भी बढ़ गया है. आईये आपको बताते हैं कि 10 रुपये से लेकर 2000 रुपये के नोट पर कितना प्रिंटिंग कॉस्ट लगता है.
बता दें, पेपर और इंक की कीमतों में भी उछाल देखने को मिला है. ऐसे में इसी वजह से प्रिंटिंग कॉस्ट भी बढ़ गई है. वहीं, RBI को सबसे ज्यादा प्रिंटिंग कॉस्ट 500 या 2000 रुपये की बजाए 200 रुपये की नोट पर देना पड़ता है.
जितनी छोटी करेंसी उतनी ज्यादा प्रिंटिंग कॉस्ट. यानि कि 10 रुपये की नोट पर सबसे ज्यादा प्रिंटिंग कॉस्ट लगती है. यानि 50 रुपये से ज्यादा पैसे 10 रुपये की नोट छापने में लगते हैं. इसी तरह 200 रुपये की नोट की छपाई के लिए सबसे ज्यादा RBI को खर्च करना पड़ता है. इसकी वजह ये है कि 2000 और 500 रुपये की नोट के मुकाबले 200 रुपए की नोट ज्यादा इस्तेमाल होती है. इसलिए इनकी प्रिंटिंग कॉस्ट भी हाई रहती है.
RTI के मुताबिक, 10 रुपये की छोटी नोट की छपाई के लिए 1 हजार नोट छापने के लिए RBI को 960 रुपये देने होते हैं. इस तरह एक नोट की प्रिंटिंग कॉस्ट 96 पैसे हो जाती है. वहीं, 20 रुपये की 1 हजार नोट छापने के लिए 950 रुपये लगते है. यानि एक नोट की कॉस्ट 95 पैसे होती है. इसी तरह 500 रुपये की एक हजार नोट छापने के लिए 2290 रुपये लगते हैं.








