ब्रेकिंगमां और तीन बेटों ने युवक पर कुल्हाड़ी से किया वार, 5 घंटे में आरोपियों की संपत्ति पर चला बुलडोजर...ब्रेकिंगराजस्थान में बड़ा प्रशासनिक बदलाव 64 IPS के तबादले जोधपुर पुलिस में भी बड़ा बदलाव!ब्रेकिंगभारत का ‘प्लान-B’ शुरू: नहीं होगी गैस की कमी, LNG-LPG की सप्लाई शुरू, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत की तैयारीब्रेकिंगबड़ी खबर 170 दिन बाद जेल से बाहर आए सोनम वांगचुक, केंद्र सरकार ने खत्म की हिरासत.....ब्रेकिंगबूंदी की अन्नपूर्णा रसोई में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर रिकॉर्ड में 96 भोजन, मौके पर सिर्फ 19 थालियां मिलींब्रेकिंगमहाकुंभ से वायरल हुई मोनालिसा भोंसले ने केरल में प्रेमी फरमान खान से शादी के बाद ,पिता का कहा— “मेरी बेटी को मेरे सामने छीन लिया गया”ब्रेकिंगखुशखबरी: 1 अप्रैल से फिर पटरी पर दौड़ेगी भगत की कोठी–जम्मू तवी एक्सप्रेस, टिकट बुकिंग शुरूब्रेकिंगSBI FD Rates Hike: एसबीआई खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी, आज से लागू हुई नई ब्याज दरब्रेकिंगपाली में पेट्रोल पाइपलाइन से चोरी का खुलासा, SOG की कार्रवाई में चार आरोपी गिरफ्तार...ब्रेकिंग5 राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान: 9, 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग, 4 मई को आएंगे नतीजे...ब्रेकिंगमां और तीन बेटों ने युवक पर कुल्हाड़ी से किया वार, 5 घंटे में आरोपियों की संपत्ति पर चला बुलडोजर...ब्रेकिंगराजस्थान में बड़ा प्रशासनिक बदलाव 64 IPS के तबादले जोधपुर पुलिस में भी बड़ा बदलाव!ब्रेकिंगभारत का ‘प्लान-B’ शुरू: नहीं होगी गैस की कमी, LNG-LPG की सप्लाई शुरू, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत की तैयारीब्रेकिंगबड़ी खबर 170 दिन बाद जेल से बाहर आए सोनम वांगचुक, केंद्र सरकार ने खत्म की हिरासत.....ब्रेकिंगबूंदी की अन्नपूर्णा रसोई में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर रिकॉर्ड में 96 भोजन, मौके पर सिर्फ 19 थालियां मिलींब्रेकिंगमहाकुंभ से वायरल हुई मोनालिसा भोंसले ने केरल में प्रेमी फरमान खान से शादी के बाद ,पिता का कहा— “मेरी बेटी को मेरे सामने छीन लिया गया”ब्रेकिंगखुशखबरी: 1 अप्रैल से फिर पटरी पर दौड़ेगी भगत की कोठी–जम्मू तवी एक्सप्रेस, टिकट बुकिंग शुरूब्रेकिंगSBI FD Rates Hike: एसबीआई खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी, आज से लागू हुई नई ब्याज दरब्रेकिंगपाली में पेट्रोल पाइपलाइन से चोरी का खुलासा, SOG की कार्रवाई में चार आरोपी गिरफ्तार...ब्रेकिंग5 राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान: 9, 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग, 4 मई को आएंगे नतीजे...

मुंबई-बेंगलुरु के तर्ज पर बसाया जाएगा राजस्थान का यह शहर, इन इलाकों का होगा पहले विकास

मुंबई-बेंगलुरु के तर्ज पर बसाया जाएगा राजस्थान का यह शहर, इन इलाकों का होगा पहले विकास
मुंबई-बेंगलुरु के तर्ज पर बसाया जाएगा राजस्थान का यह शहर, इन इलाकों का होगा पहले विकास

Jambhsar Media News Digital Desk नई दिल्‍ली: प्रदेश के शहरों में घनी आबादी इलाकों के री-डवलपमेंट की शुरुआत जयपुर से होगी। शहर में दो इलाके चिन्हित किए गए हैं। इनमें टोंक रोड पर रामबाग सर्कल से बी-2 बाइपास तक और दूसरा सिंधी कैम्प से जुड़ा एरिया है। ग्रेटर और हैरिटेज निगम दोनों ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

प्रदेश के शहरों में घनी आबादी इलाकों के री-डवलपमेंट की शुरुआत जयपुर से होगी। शहर में दो इलाके चिन्हित किए गए हैं। इनमें टोंक रोड पर रामबाग सर्कल से बी-2 बाइपास तक और दूसरा सिंधी कैम्प से जुड़ा एरिया है। ग्रेटर और हैरिटेज निगम दोनों ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसमें सीईपीटी यूनिवर्सिटी (सेंटर फोर एनवायरमेंटल प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी) लोकल एरिया डवलपमेंट पर एक साल में स्टडी पूरी करेगी।

इस एरिया में इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड से लेकर पुनर्विकास की प्लानिंग की जाएगी। इलाके के लोगों की जरूरत के आधार पर नए सिरे से विकसित करने पर भी काम होगा। खास यह है कि इस पूरी गतिविधि को उसी एरिया की इकोनॉमी ग्रोथ से जोड़ा जाएगा। इसके लिए केन्द्र सरकार फंडिंग कर रही है।

यह प्लान मुंबई और अहमदाबाद की तर्ज पर तैयार किया गया है। मुंबई में भी सरकारी और गैर सरकारी भवनों को हटाकर री-डवलपमेंट किया जा रहा है। वर्ष 2018 में गुजरात सरकार ने भी री-डवलपमेंट पॉलिसी लागू कर दी थी।

राजस्थान के पूर्व मुख्य नगर नियोजक आर.के. विजयवर्गीय का कहना है कि ‘राजस्थान री-डवलपमेंट कंसेप्ट केवल नए रूप में इमारत बनाना या इलाके डवलप करना नहीं है, बल्कि यह इकोनॉमी ग्रोथ का बड़ा साधन भी है। मुंबई में तो यह कंसेप्ट 25 साल पुराना है। केवल स्थानीय निकाय या विकास प्राधिकरण स्तर पर काम नहीं हो सकता है, इसके लिए निवेशक आगे आएं तो बात बने। वे ही प्रोजेक्ट को व्यावहारिक बनाएं।’

-शहरों में ऐसे इलाके हैं जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जहां घनी आबादी बस चुकी है। इन इलाकों को और बेहतर तरीके से उपयोगी बनाया जा सके।

– मौजूदा भवनों की जगह आपसी समन्वय से वर्टिकल डवलपमेंट हो। सड़क चौड़ी करने के साथ ड्रेनेज, सीवरेज सहित अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना।
-लोगों की जरूरत, व्यावसायिक हित व अन्य जन सुविधाओं पर फोकस हो।

-इसके जरिये स्थानीय लोगों की प्रॉपर्टी की वेल्यू और आय के स्रोत बढ़ें। उन्हें रहने और व्यवसाय के लिए पहले से ज्यादा जगह उपलब्ध हो।

-निकायों, विकास प्राधिकरण, यूआइटी को ज्यादा राजस्व कैसे मिले, इस पर भी ध्यान देंगे।

-वर्टिकल (ऊंचाई) विकास

-मिश्रित भू-उपयोग, चारदीवारी की तर्ज पर

-कम क्षेत्र में घनी आबादी बसावट

-आवासीय व कॉमर्शियल सुविधा बढ़ेगी

-रोजगार के कई विकल्प खुलेंगे
-ईंधन युक्त वाहनों पर कम निर्भरता

-चिन्हित सीमा का आवश्यक रूप से निर्धारण

-कंक्रीट निर्माण के अनुपात में ही खुला क्षेत्र

-हरियाली क्षेत्र का बड़ा हिस्सा विकसित हो

-आवास से कुछ दूरी पर ही मूलभूत सुविधाएं मिले

-नौकरी और व्यापार के लिए ज्यादा दूरी तय नहीं करनी पड़े
-सुदृढ़ सार्वजनिक परिवहन सेवा

इस लेख को शेयर करें

संबंधित लेख

सबसे ज्यादा पढ़ा गया