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Yamuna River: राजस्थान को मिलेगा यमुना का पानी, बांध बनाने के लिए जगह की चिन्हित

Yamuna River: राजस्थान को मिलेगा यमुना का पानी, बांध बनाने के लिए जगह की चिन्हित
Yamuna River: राजस्थान को मिलेगा यमुना का पानी, बांध बनाने के लिए जगह की चिन्हित

Jambhsar Media News Digital Desk नई दिल्‍ली: यमुना जल बंटवारा विवाद को हाल ही में सुलझाया गया है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की पहल पर हरियाणा और राजस्थान के बीच समझौता हुआ है, जिसके बाद लगभग तीस साल से यमुना के पानी का इंतजार कर रहे राजस्थान के चुरू, सीकर, झुंझुनूं सहित अन्य जिलों को अब 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मिल सकेगा।

यमुना का पानी शेखावाटी को देने को लेकर 17 फरवरी को नई दिल्ली में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर व राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के बीच सहमति बनी थी। सहमति के अनुसार नई डीपीआर चार माह में तैयार होनी है। यमुना जल समझौते की पालना में बनी सहमति के अनुसार हरियाणा में हथिनी कुंड बैराज के ताजेवाला हैड से यमुना का पानी शेखावाटी में सबसे पहले चूरू जिले के हांसियावास गांव में आएगा।

जानकारी के अनुसार हांसियावास व तांबा खेड़ा गांव के निकट बांध बनाया जाएगा। यह कृत्रिम बांध चूरू जिले का सबसे बड़ा बांध होगा। यहां ताजेवाला हैड से लोहे के बड़े पाइपों से पानी लाया जाएगा। यमुना के पानी लाने की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) पर काम चल रहा है। यह डीपीआर जून तक बनकर तैयार हो जाएगी। पहले यह बांध राजगढ़ के निकट गोठया बड़ी गांव में बनना था, लेकिन अब सिधमुख क्षेत्र के हांसियावास गांव में बनना लगभग तय है। सिर्फ मुहर लगना बाकी है।

हांसियावास गांव की हरियाणा से दूरी मात्र सात किमी है। यमुना का पानी केवल बरसात के दिनों में मिलेगा। समझौते के अनुसार पानी केवल 120 दिन जुलाई से अक्टूबर के मध्य शेखावाटी को दिया जाएगा। चूंकि उस समय शेखावाटी में भी बरसात होगी। इसलिए पानी को बड़े बांध में एकत्रित किया जाएगा। बाद में जरूरत के अनुसार लिफ्ट कर पानी को झुंझुनूं, सीकर, चूरू और नीमकाथाना जिले में उपलब्ध कराया जाएगा।

नई डीपीआर के अनुसार अपर यमुना बेसिन में तीन जल भंडारण रेणुकली, लखवार और किशाऊ चिह्नित किए गए हैं। यहां से राजस्थान को हथिनीकुंड से निर्धारित अवधि के लिए जल उपलब्ध कराया जाएगा।

गौरतलब है कि यमुना जल बंटवारा विवाद को हाल ही में सुलझा लिया गया है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की पहल पर और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी में बीते शनिवार को दिल्ली में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए त्रिपक्षीय एमओयू हुआ। तीस साल से यमुना के पानी का इंतजार कर रहे राजस्थान के चुरू, सीकर, झुंझुनूं सहित अन्य जिलों को अब 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मिल सकेगा। वहीं, हरियाणा के भिवानी और हिसार जिलों को भी पानी मिलेगा।

”सबसे पहले पानी चूरू जिले के हांसियावास गांव में आएगा। यहां बड़ा बांध बनाया जाएगा। इसके बाद पानी चूरू, सीकर, झुंझुनूं व नीमकाथाना जिले को दिया जाएगा।” – यश वर्धन सिंह शेखावत, संयोजक, यमुना जल संघर्ष समिति

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