शनिवार (11 अप्रैल) को आईपीएल में पंजाब किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मुकाबला मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। यह डबल हेडर का पहला मैच था, लेकिन मुकाबले से पहले मैदान पर एक भावुक दृश्य देखने को मिला।
पंजाब किंग्स के खिलाड़ी इस मैच में काली पट्टी बांधकर उतरे। यह कदम उन्होंने वृंदावन में हाल ही में हुए दर्दनाक नाव हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए उठाया। टीम प्रबंधन ने पहले भी सोशल मीडिया के माध्यम से इस हादसे पर शोक जताया था और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की थी।
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश के वृंदावन में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हादसा हुआ, जब यमुना नदी में सवार पर्यटकों से भरी नाव अचानक असंतुलित होकर पलट गई। जानकारी के अनुसार, नाव में लुधियाना के आसपास से आए करीब 37 पर्यटक सवार थे।
यह दुर्घटना प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर से लगभग 2 किलोमीटर दूर यमुना नदी में हुई। अचानक नाव के पलटने से अफरा-तफरी मच गई और कई लोग नदी में डूब गए।
मौत और बचाव का आंकड़ा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हादसे में कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, राहत टीमों की तत्परता से 22 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, कुछ लोगों के लापता होने की भी आशंका जताई जा रही है।
राहत और बचाव कार्य जारी
घटना के तुरंत बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
NDRF की टीमों को तैनात किया गया
सेना के जवान भी सर्च ऑपरेशन में जुटे
स्थानीय प्रशासन और गोताखोर लगातार तलाश में लगे हुए हैं
रेस्क्यू ऑपरेशन देर रात तक जारी रहा ताकि किसी भी फंसे हुए व्यक्ति को सुरक्षित निकाला जा सके।
लापरवाही पर कार्रवाई
प्रारंभिक जांच में नाव संचालन में लापरवाही की बात सामने आई है। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए नाव चलाने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है ताकि हादसे के असली कारणों का पता लगाया जा सके।
खेल जगत ने जताया दुख
इस हादसे का असर खेल जगत में भी देखने को मिला। पंजाब किंग्स के खिलाड़ियों द्वारा काली पट्टी बांधकर मैदान में उतरना पीड़ितों के प्रति सम्मान और संवेदना का प्रतीक बना। इस कदम की सोशल मीडिया पर भी काफी सराहना हो रही है।
वृंदावन का यह हादसा एक बार फिर से सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करता है। धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर इस तरह की घटनाएं रोकने के लिए सख्त नियमों और निगरानी की जरूरत है। वहीं, पूरे देश में इस घटना को लेकर शोक की लहर है और लोग पीड़ित परिवारों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।








