Jambhsar Media Desk, New Delhi: UP में मेरठ से प्रयागराज के बीच में चल रहे निर्माणधीन एक्सप्रेस वे का निर्माण योगी सरकार कुम्भ-2025 से पहले करवाने का संकल्प ले चुकी है. बतौर इसके सरकार ने निर्माण कम्पनियों को भी स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है.
एक्सप्रेस – वे का निर्माण जल्दी से जल्दी पूर्ण करने के लिए सरकार ने जमीन अधिग्रहण का कार्य पूरा कर लिया गया है.
मेरठ शहर में जमीन अधिग्रहण के कार्य के साथ – साथ जमीन का बैनामा कर जमीन की खरीद भी पूरी कर ली है. एक्सप्रेस-वे के लिए जरूरी जमीन का अधिग्रहण सबसे पहले करने में मेरठ पहले नंबर पर है. यहां अधिग्रहण करने के साथ बैनामा और नामांतरण की प्रक्रिया पूर्ण कर विक्रय पत्र यूपीडा के समक्ष प्रस्तुत कर दिए गए हैं.
600 करोड़ का मुआवजा
आपको बता दे मेरठ जनपद के नौ गांवों में 1100 से अधिक किसानों की निजी, कृषि व अन्य प्रकृति की 180 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए किया गया है.
इसमें किसानों को छह सौ करोड़ से अधिक का मुआवजा भी समय से प्रदान किया. अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने डीएम को पत्र जारी किया है.
डीएम दीपक मीणा ने बताया कि एक्सप्रेस-वे के लिए जरूरी भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है और विक्रय पत्र भी यूपीडा (upeida) के समक्ष प्रस्तुत कर दिए गए हैं.








