Jambhsar Media Digital Desk: किसानों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए राज्य सरकारें किसानों का कर्ज माफ करती हैं। कई राज्य सरकारों ने किसानों के कर्ज को माफ कर उन्हें राहत दी है। अलग-अलग राज्यों में कर्ज माफी की योजनाएं चलाई गई जिनका किसानों को लाभ हुआ।
इन योजनाओं में कर्ज माफी योजना (Loan Waiver Scheme) यूपी, कर्ज माफी योजना झारखंड, कर्जमाफी योजना एमपी, कर्ज माफी योजना राजस्थान, कर्ज माफी योजना हरियाणा आदि प्रमुख हैं। इसी क्रम में एक और राज्य सरकार ने किसानों का बकाया पुराना कर्ज माफ करने का ऐलान किया है।
राज्य के मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि प्रदेश में आचार संहिता खत्म होते ही किसानों को ऋण माफी का तोहफा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस ऐलान से राज्य के लाखों किसानों को राहत मिलेगी।
दरअसल तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को बैंकों से अपील की है कि वे किसानों को कर्ज अदायगी के लिए परेशान नहीं करें। रेड्डी ने कहा कि बैंक किसानों को फसल ऋण चुकाने के लिए नोटिस नहीं भेजें।
रेड्डी ने कहा कि उनकी सरकार ने किसानों का 2 लाख रुपए तक ऋण माफ करने का वादा किया है उसे पूरा किया जाएगा।
जून में जैसे ही आचार संहिता खत्म होगी, कांग्रेस सरकार किसानों से किए गए अपने इस वादे को पूरा करेगी। रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार 15 अगस्त से पहले एक बार में ऋण माफी पूरी कर लेगी। नागरकर्नूल में एक सार्वजनिक सभा में रेड्डी ने राज्य के किसानों से कहा कि वे अपने फसल ऋण के बारे में चिंतित न हो क्योंकि राज्य सरकार इसे माफ करेगी।
बता दें कि विधायक और बीआरएस नेता हरीश राव ने रेवंत रेड्डी से सवाल किया था कि यदि 15 अगस्त तक फसल ऋण को माफ करने में अगर वह असफल रहते हैं तो क्या वह अपने सीएम पद से इस्तीफा दे देंगे? इस सवाल पर रेड्डी ने पलट कर सवाल किया कि यदि उन्होंने उस तारीख तक किसानों का ऋण माफ कर दिया तो क्या उनके चाचा, बीआरएस चीफ के. चंद्रशेखर राव- पार्टी को भंग कर देंगे।
रेड्डी ने राव को चुनौती देते हुए कहा कि भले ही सूरज पश्चिम से उगे या आपके चाचा अपने फार्महाउस में आत्महत्या कर लें, कांग्रेस सरकार 15 अगस्त तक किसानों का फसल ऋण माफ कर देगी। साथ ही उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार को भारी बहुमत देकर उनके हाथ मजबूत करें।








